ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने गुरुवार को देश के सबसे पुराने बैंक की शाखा पर हुए बम हमले की निंदा की और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी. उनसे पहले ईरान के संयुक्त सैन्य कमान के मिलिड ईस्ट में बैंक और वित्तीय संस्थान को निशाना बनाने का ऐलान किया था. इसी खतरे को देखते हुए सिटी बैंक ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में एक को छोड़कर अपनी सभी शाखाएं गुरुवार को बंद रखने का ऐलान किया है. सुरक्षा चिंताओं के कारण कई अन्य इंटरनेशनल वित्तीय संस्थानों ने भी अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह दी है.
ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका और इजरायली सेना के बैंक को निशाना बनाने पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर कहा, ईरान के राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे पर हमले हो रहे हैं.
अराघची ने जताया दुख
उन्होंने दुख जताते हुए बताया कि देश के सबसे पुराने बैंक की शाखा को तब निशाना बनाया गया, जब वह कर्मचारियों से भरी हुई थी. ये कर्मचारी ईरानी नए साल से पहले लोगों की मदद में जुटे थे.
अराघची ने कड़े शब्दों में कहा कि ईरान के शक्तिशाली सशस्त्र बल इस 'अपराध' का प्रतिशोध जरूर लेंगे. इस बयान ने खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे विदेशी बैंकों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है.
ये घटना तेहरान में बैंक सेपाह (Bank Sepah) की एक इमारत या डेटा सेंटर पर कथित इजरायली-अमेरिकी हमले के बाद सामने आई है, जिसमें कई कर्मचारियों की मौत की खबरें हैं. ईरानी मीडिया के अनुसार, ये हमला रात में हुआ और बैंक सैन्य कर्मचारियों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया में काम कर रहा था.
ज्वाइंट सैन्य कमान का ऐलान
दूसरी ओर ईरान की ज्वाइंट सैन्य कमान खतम अल-अनबिया हेडक्वाटर (Khatam al-Anbiya Headquarters) ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि अब वह मिडिल ईस्ट में बैंक और वित्तीय संस्थान को टारगेट बनाएगा.
कमान ने मुस्लिम देशों को चेतावनी देते हुए कहा अब उनके निशाने पर मिडिल ईस्ट में मौजूद बैंक और वित्तीय संस्थान हैं और इन संस्थानों की पहचान कर ली गई, वो अब इन्हें उड़ा देंगे. उन्होंने क्षेत्र के लोगों को चेतावनी दी कि वो बैंकों से एक किलोमीटर की दूरी में न रहें.
सिटी बैंक ने बंद की शाखाएं
वहीं, बदलते हालातों को देखते हुए सिटी बैंक ने यूएई में अपनी शाखाएं बंद करने का ऐलान कर दिया है. सिटी बैंक ने कहा कि उसने देश के अंदर बदलती स्थिति को देखते हुए. ये फैसला लिया है, लेकिन उसने इसके बारे में विस्तार से नहीं बताया.
ईरान की धमकी ने विशेष रूप से दुबई, सऊदी अरब और बहरीन के आर्थिक हितों को जोखिम में डाल दिया है. दुबई कई वैश्विक वित्तीय संस्थानों का घर है, इसलिए वहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. खबरों के मुताबिक, अन्य वित्तीय संस्थानों ने भी इस खतरे के मद्देनजर अपने कर्मचारियों से घर से काम करने का अपील किया है.
विशेषज्ञों का मानना है कि वित्तीय संस्थानों को युद्ध के दायरे में लाने से वैश्विक बैंकिंग क्षेत्र पर गहरा असर पड़ेगा.