भारतीय मूल के अनुराधा और विकास सिन्हा ने अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास (UNT) को 20 मिलियन डॉलर का बड़ा डोनेशन दिया है. इस रकम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड एनालिटिक्स के लिए नया कॉलेज बनाया जाएगा. यूनिवर्सिटी ने नए कॉलेज का नाम दंपति के नाम पर रखने का ऐलान किया है.
नए कॉलेज का नाम अनुराधा एंड विकास सिन्हा कॉलेज ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड एडवांस्ड एनालिटिक्स रखा जाएगा. यह कॉलेज एआई और डेटा से जुड़े कई क्षेत्रों में पढ़ाई और रिसर्च को बढ़ावा देगा. इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, हेल्थ इंफॉर्मेटिक्स और इंफॉर्मेशन साइंस जैसे सबजेक्ट्स शामिल होंगे.
कॉलेज में रिसर्च के साथ छात्रों के लिए नई सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी. डोनेशन की रकम से छह स्थायी फंड बनाए जाएंगे. इनसे स्कॉलरशिप, प्रोफेसरशिप, कॉलेज लीडरशिप और स्टार्टअप से जुड़े कार्यक्रमों को मदद मिलेगी. एडवांस रिसर्च और नई तकनीकों पर भी काम किया जाएगा.
विकास सिन्हा ने कहा कि AI आने वाली पीढ़ी की सबसे अहम तकनीकों में से एक होगी. ऐसे में यूनिवर्सिटी की जिम्मेदारी है कि वह छात्रों को इसके लिए तैयार करे. उनका यह योगदान उनके अपने अनुभव से भी जुड़ा है.
दरअसल, अनुराधा और विकास सिन्हा ने भारत में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया था. इसके बाद दोनों अमेरिका चले गए. उन्होंने फ्लोरिडा अटलांटिक यूनिवर्सिटी से आगे की पढ़ाई की. विकास सिन्हा ने नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी में भी पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने 2023 में UNT से इंफॉर्मेशन साइंस में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की.
विकास सिन्हा फिलहाल ब्रॉडकॉम में मेनफ्रेम सॉफ्टवेयर डिविजन के वाइस प्रेसिडेंट हैं. वह 2023 से यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास के कॉलेज ऑफ इन्फॉर्मेशन के लीडरशिप बोर्ड में भी शामिल हैं.
पहले भी यूनिवर्सिटी को डोनेशन दे चुकें हैं दंपति
यह पहली बार नहीं है जब दंपति ने यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास को बड़ा डोनेशन दिया है. 2024 में उन्होंने यूनिवर्सिटी के डेटा साइंस प्रोग्राम के लिए अनुराधा और विकास सिन्हा डिपार्टमेंट ऑफ डेटा साइंस शुरू करने में मदद की थी. इसके बाद 2025 में उन्होंने सिन्हा इनोवेशन लैब फॉर डेटा साइंस के लिए भी बड़ा योगदान दिया.
विकास सिन्हा ने कहा कि शिक्षा ने उनके जीवन में कई मौके दिए हैं. अब वे चाहते हैं कि दूसरे छात्रों को भी आगे बढ़ने का मौका मिले.
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नए कॉलेज में दो प्रमुख अकैडमिक डिविजन होंगे. एक डिविजन इंटेलिजेंट सिस्टम को डेवलेप करने और इस्तेमाल करने पर काम करेगा. दूसरा यह देखेगा कि एआई और इंटेलिजेंट सिस्टम इंसानों और संस्थानों के बीच कैसे काम करते हैं.
यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास एप्लाइड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस इंस्टीट्यूट भी बनाएगा. इसका मकसद अलग-अलग विषयों में एआई और डेटा साइंस की पढ़ाई और रिसर्च को जोड़ना होगा. यूनिवर्सिटी इंडस्ट्री के साथ मिलकर भी रिसर्च को बढ़ावा देगी.
यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट हैरिसन केलर ने कहा कि नया कॉलेज तेजी से बदलती तकनीक और रोजगार की जरूरतों के हिसाब से छात्रों को तैयार करने में मदद करेगा. यूनिवर्सिटी इस साल के अंत में नए कॉलेज के नामकरण को लेकर कैंपस में कार्यक्रम भी आयोजित करेगी.