scorecardresearch
 

'Fitna al Hindustan धार्मिक शब्दावली में लिपटा झूठ', UN में पाकिस्तान पर बरसा भारत

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने पाकिस्तान के 'फितना अल हिंदुस्तान' नैरेटिव को दुष्प्रचार करार देते हुए कड़ी आपत्ति जताई. भारतीय राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने कहा कि पाकिस्तान अपनी घरेलू नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए भारत को निशाना बना रहा है. साथ ही भारत ने अफगानिस्तान में पाकिस्तानी सैन्य अभियानों और नागरिकों की मौतों पर भी तीखी आलोचना की.

Advertisement
X
UN में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश. (Photo- ITG)
UN में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश. (Photo- ITG)

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान को फिर जमकर लताड़ लगाई है. 'फितना अल हिंदुस्तान' वाली पाकिस्तान की मनगढ़ंत कहानी को भारत ने साफ तौर पर प्रोपेगेंडा बताया.

सोमवार को अफगानिस्तान के हालात पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए, भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि पाकिस्तान भारत पर दोष मढ़ने की कोशिश कर रहा है.

पिछले साल, पाकिस्तान ने प्रांत में सक्रिय कई आतंकवादी संगठनों को इसी नाम से नामित किया और आरोप लगाया कि वे भारत के इशारे पर काम कर रहे थे. हालांकि, इस्लामाबाद ने इन दावों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया.

इसपर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय राजदूत ने कहा कि इस शब्दावली का उद्देश्य पाकिस्तानी नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों को गुमराह करना है.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पर्वतनेनी ने कहा, 'पाकिस्तान द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी करना और अपनी सरकारी एजेंसियों को अपनी सीमाओं के भीतर के समूहों को 'फितना अल हिंदुस्तान' कहना शुरू करने का निर्देश देना, धार्मिक शब्दावली में लिपटी आधिकारिक रूप से प्रायोजित गलत सूचना और दुष्प्रचार के अलावा कुछ नहीं है.'

Advertisement

उन्होंने कहा कि यह बयानबाजी पाकिस्तान की भारत के प्रति दुश्मनी बनाए रखने की कोशिश का हिस्सा है. इसे 'नफरत की एक संगठित फैक्ट्री' बताते हुए उन्होंने कहा कि इस अभियान का मकसद पाकिस्तान की आबादी का ध्यान घरेलू राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों के बजाय बाहरी खतरों पर केंद्रित रखना है.

अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हमले की निंदा

भारत ने अफगानिस्तान के अंदर पाकिस्तान के सैन्य अभियानों की भी आलोचना की और इस्लामाबाद पर हवाई हमलों के माध्यम से नागरिकों की जान लेने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, 'मैं फिर से दोहराता हूं. किसी नरसंहार को सैन्य अभियान का रूप देने से अपराधी बरी नहीं हो जाता. नागरिकों की हत्या करना, उन्हें अपंग करना और अनाथ करना आतंकवाद विरोधी कार्रवाई नहीं है.'

उन्होंने आगे कहा, 'रमजान के पवित्र महीने के दौरान निर्दयतापूर्वक हवाई हमले करते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून और इस्लामी एकजुटता के उच्च सिद्धांतों का समर्थन करना पाखंड का सटीक उदाहरण है.'

अपने संबोधन के आखिर में पर्वतनेनी ने कहा कि पाकिस्तान का अपनी नाकामयाबियों के लिए पड़ोसी देशों को दोषी ठहराने का एक लंबा इतिहास रहा है.

बता दें कि इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, फरवरी 2026 में अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 13 नागरिक मारे गए. मार्च तक, संयुक्त राष्ट्र ने अफगानिस्तान में कम से कम 42 नागरिकों के मारे जाने और 104 के घायल होने की जानकारी दी, जबकि लड़ाई की वजह से 100,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हो गए थे.

Advertisement

अफगानिस्तान में तनाव तब और बढ़ गया जब अधिकारियों ने पाकिस्तान पर काबुल के एक नशामुक्ति अस्पताल पर हवाई हमला करने का आरोप लगाया. अधिकारियों का कहना था कि इस हमले में 400 से अधिक लोग मारे गए, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने कम से कम 269 मौतों की पुष्टि की.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement