ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध विराम चल रहा है. दोनों देशों के बीच शुरुआती समझौते पर हस्ताक्षर के बाद स्थायी शांति के लिए बातचीत जारी है. ईरान-अमेरिका वार्ता के बीच इजरायल ने लेबनान में ताबड़तोड़ हमले किए थे, जिसके विरोध में ईरान ने बातचीत रोक दी थी. ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ का लेबनान को लेकर अब बड़ा बयान आया है. गालिबाफ ने कहा है कि लेबनान में ईरान के बिना शांति संभव नहीं है.
प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक गालिबाफ ने दावा किया है कि लेबनान में शांति तब तक संभव नहीं है, जब तक एक स्थिरता स्थापित करने वाली ताकत के रूप में ईरान अपनी भूमिका नहीं निभाता. उन्होंने यह टिप्पणी रविवार को हिजबुल्ला के वरिष्ठ नेता मोहम्मद फनीश के साथ बैठक के दौरान की. मोहम्मद फनीश ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने तेहरान पहुंचे थे.
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खामेनेई के अंतिम संस्कार से अलग मोहम्मद फनीश ने ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ के साथ बैठक भी की. इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के ताजा हालात पर चर्चा की. गालिबाफ ने कहा कि हाल ही में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया. उन्होंने कहा कि हमले में निशाना ईरान था और इसकी वजह से पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा, खासकर लेबनान में.
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उन्होंने कहा कि इससे साबित होता है कि पश्चिम एशिया में स्थायी शांति तभी संभव है, जब इसमें ईरान की भूमिका हो. गालिबाफ ने दावा किया कि अमेरिका के साथ हुए एमओयू में हिजबुल्ला के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई रोकने की शर्त भी शामिल है. उन्होंने कहा कि हमने बातचीत के दौरान लेबनान की अखंडता और संप्रभुता पर भी जोर दिया.