अमेरिका और ईरान के बीच डील भले ही हो गई हो लेकिन तनाव अभी भी खत्म नहीं हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भड़कते हुए कहा कि अब ईरान का खात्मा हो गया है.
ट्रंप ने कहा कि ईरान को अमेरिका से 'फूटी कौड़ी' भी नहीं मिलेगी. उन्होंने एक बार फिर दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमताओं को तबाह कर दिया गया है. अब उसकी वायुसेना और नौसेना भी नहीं बची है.
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर सिलसिलेवार पोस्ट कर राजनीतिक विरोधियों की आलोचना को खारिज कर दिया और तर्क दिया कि युद्ध ने ईरान की सैन्य ताकत को नाटकीय रूप से कम कर दिया है.
ट्रंप ने कहा कि युद्ध ने ईरान को कमजोर कर दिया है! अब उसके पास वायुसेना, नौसेना, एंटी-एयरक्राफ्ट इक्विपमेंट, रडार या व्यावहारिक रूप से कुछ भी नहीं है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने डेमोक्रेट्स पर भी निशाना साधा और इस बात का मजाक उड़ाया कि ईरान कुछ महीने पहले की तुलना में अब मजबूत स्थिति में हो सकता है.

ट्रंप ने कहा कि फिर भी डेमोक्रेट कहते हैं कि ईरान अब चार महीने पहले की तुलना में बेहतर स्थिति में है. क्या आप इससे बच निकलने की कल्पना कर सकते हैं? कुछ लोग कितने मूर्ख हो सकते हैं?
उन्होंने आगे दावा किया कि अमेरिका ने नहीं, बल्कि ईरान ने संघर्ष के बाद बातचीत की मांग की थी. उन्होंने कहा कि हम बेताब नहीं थे. ईरान था. वे खत्म हो गए हैं. उन्होने एक बार फिर दावा किया की अमेरिका, ईरान को कोई वित्तीय राहत नहीं देगा. उन्हें न पैसे मिलेंगे, न दस सेंट!'
यह टिप्पणी ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की ओर से ट्रंप पर सीधा निशाना साधने के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि अमेरिकी नेता समझौते के लिए 'बेताब' थे और उन्होंने इसे सुरक्षित करने के लिए 'सभी प्रकार की पैंतरेबाजी' का इस्तेमाल किया.
अमेरिका-ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते पर दस्तखत होने के बाद अपने पहले बयान में, मोजतबा ने गुरुवार को ईरानी लोगों से कहा कि शुरू में उन्होंने 'सिद्धांत के तौर पर' इस समझौते का विरोध किया था, लेकिन बाद में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सदस्यों से यह भरोसा मिलने के बाद उन्होंने इसे मंजूरी दे दी कि देश और 'रेजिस्टेंस फ्रंट' के हितों की रक्षा की जाएगी.