अमेरिका-इजरायल के ईरान पर संयुक्त हमलों के बाद से ही हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. आज इस जारी संघर्ष को 20 दिन हो चुके हैं. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची से द्विपक्षीय बैठक की. बातचीत के दौरान ट्रंप ने 1941 के पर्ल हार्बर पर हमले का जिक्र भी किया, जिससे जापान की प्रधानमंत्री ताकाइची कुछ असहज नजर आई.
ट्रंप और ताकाइची के बीच इस बैठक की शुरुआत मजाकिया अंदाज में हुई. ट्रंप ने ताकाइची की अंग्रेज़ी पर पकड़ की तारीफ की और अनुवाद की जरूरत न होने पर मजाक किया.
ट्रंप ने ताकाइची से कहा, “क्या आप अंग्रेज़ी समझती हैं? बहुत बढ़िया... अच्छा है कि हमें अनुवाद के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा."
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में आगे कहा, “अगली बार मैं आपकी भाषा सीखकर आऊंगा,” यानी अगली मुलाकात से पहले वह जापानी सीखने की कोशिश करेंगे.
हालांकि, यह हल्का-फुल्का माहौल तब बदल गया जब ट्रंप ने 1941 के पर्ल हार्बर पर हमले का जिक्र किया. ट्रंप इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों की जानकारी पहले सहयोगियों को क्यों नहीं दी गई.
ट्रंप ने इस सवाल पर कहा, “हमने किसी को नहीं बताया क्योंकि हम सरप्राइज देना चाहते थे. सरप्राइज के बारे में जापान से बेहतर कौन जानता है” इसके बाद उन्होंने ताकाइची की ओर मुड़कर कहा... “आपने मुझे पर्ल हार्बर के बारे में क्यों नहीं बताया”
यह टिप्पणी सुनकर जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची कुछ असहज नजर आईं. वह इंटरप्रेटर के जरिए बातचीत कर रही थीं, इसपर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.
बता दें, 7 दिसंबर 1941 को हुए पर्ल हार्बर पर हमले में 2,400 से ज़्यादा अमेरिकी मारे गए थे. इस घटना के बाद अमेरिका द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) में शामिल हुआ था.
अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए थे. यह इतिहास में परमाणु हथियारों का एकमात्र इस्तेमाल माना जाता है.
ताकाइची की ट्रंप के साथ यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब हाल ही में अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू किए हैं. वह उन शुरुआती नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने इस घटनाक्रम के बाद डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की है.