पर्ल हार्बर (Attack on Pearl Harbor) आधुनिक इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है. यह हमला 7 दिसंबर 1941 को हुआ था, जब जापान ने अमेरिका के नौसैनिक अड्डे पर्ल हार्बर पर अचानक हमला कर दिया. यह अड्डा Pearl Harbor में स्थित है, जो अमेरिका के हवाई द्वीप में है. सुबह के समय जब लोग अपने रोजमर्रा के काम में लगे थे, तभी जापान के लड़ाकू विमानों ने अचानक हमला कर दिया. यह हमला पूरी तरह से बिना चेतावनी के किया गया था. जापान ने इस ऑपरेशन की योजना बहुत गुप्त तरीके से बनाई थी, ताकि अमेरिका को संभलने का मौका न मिले.
इस हमले में कई युद्धपोत, विमान और सैन्य ठिकाने बुरी तरह नष्ट हो गए. खासतौर पर अमेरिका का प्रसिद्ध युद्धपोत USS Arizona पूरी तरह तबाह हो गया. इस हमले में करीब 2400 अमेरिकी सैनिक और नागरिक मारे गए, जबकि हजारों लोग घायल हुए. जापान उस समय एशिया में अपना प्रभाव बढ़ाना चाहता था. अमेरिका ने जापान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था. जापान चाहता था कि वह अमेरिका की सैन्य ताकत को कमजोर कर दे, ताकि वह एशिया में आसानी से अपना विस्तार कर सके.
पर्ल हार्बर हमले के बाद अमेरिका ने अगले ही दिन जापान के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर दिया. इसके साथ ही अमेरिका World War II में पूरी तरह शामिल हो गया. यह घटना द्वितीय विश्व युद्ध का एक बड़ा मोड़ साबित हुई. अमेरिका ने बाद में जापान के खिलाफ कई बड़े हमले किए और अंततः 1945 में युद्ध खत्म हुआ. पर्ल हार्बर की घटना ने पूरी दुनिया की राजनीति और इतिहास को बदल दिया.
आज पर्ल हार्बर एक स्मारक स्थल बन चुका है, जहां लोग उन सैनिकों को श्रद्धांजलि देने आते हैं, जिन्होंने इस हमले में अपनी जान गंवाई थी. यहां USS Arizona का मेमोरियल भी बनाया गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को जापानी PM सनाए ताकाइची के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ ऐसा कह दिया कि वो सन्न रह गईं. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान हमलों पर सहयोगियों को सूचित न करने के सवाल पर पर्ल हार्बर का जिक्र कर दिया जिसे सुन कर जापानी पीएम सन्न रह गईं. देखिए.
अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला कर जंग तो शुरू कर दी है, लेकिन इस जारी युद्ध का अंत अभी तक नजर नहीं आ रहा है. इस जारी संघर्ष के बीच जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मीटिंग की.