अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है. डेमोक्रेट्स ने प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के साथ सीनेट में भी बहुमत हासिल कर लिया है. इस नतीजे के साथ अमेरिकी संसद के दोनों सदनों पर डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण हो गया है. यह ट्रंप के लिए बड़ा राजनीतिक झटका है, क्योंकि उनके दूसरे कार्यकाल के शुरुआती दो साल में रिपब्लिकन पार्टी के पास कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत था.
हार के बाद ट्रंप ने फॉक्स न्यूज, न्यूयॉर्क टाइम्स और दूसरे मीडिया संस्थानों से बातचीत में अपनी पार्टी के प्रदर्शन पर सफाई दी. उन्होंने माना कि ईरान युद्ध और उससे जुड़ी महंगाई ने चुनाव को प्रभावित किया, लेकिन इसे अपने नेतृत्व के खिलाफ जनमत नहीं माना. ट्रंप ने हार के लिए पांच वजहें गिनाईं. इनमें महंगा पेट्रोल, उनका खुद चुनाव में उम्मीदवार न होना, रिपब्लिकन उम्मीदवारों की कमजोरी, फॉक्स न्यूज का विपक्ष को ज्यादा जगह देना और डेमोक्रेट्स का जोरदार प्रचार शामिल है.
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1. ईरान युद्ध और पेट्रोल की बढ़ती कीमतें
ट्रंप ने माना कि ईरान युद्ध रिपब्लिकन पार्टी की हार की एक वजह रहा. फॉक्स न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा कि लोग ईरान को लेकर उनके फैसले से सहमत हो सकते हैं, लेकिन वे पेट्रोल-गैसोलीन की ज्यादा कीमत चुकाने के शुरुआती और तात्कालिक असर को झेलने के लिए तैयार नहीं थे. ट्रंप ने कहा, "मैं इस बात को समझता हूं, हालांकि इससे सहमत नहीं हूं."
ईरान के साथ युद्ध के कारण तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. इसका असर अमेरिकी परिवारों की जेब पर पड़ा और चुनाव में महंगाई एक बड़ा मुद्दा बन गई. हालांकि, ट्रंप ने यह भी साफ किया कि उन्हें ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने का कोई पछतावा नहीं है. वॉल स्ट्रीट जर्नल से बातचीत में भी उन्होंने अपने प्रशासन में बड़े स्तर पर अधिकारियों को बदलने की योजना से इनकार किया और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का समर्थन किया.
2. ट्रंप खुद चुनावी मैदान में नहीं थे
रिपब्लिकन की हार पर ट्रंप का दूसरा तर्क था कि उनका नाम मतपत्र पर नहीं था. उन्होंने कहा कि अगर वह खुद चुनाव लड़ रहे होते तो पार्टी को एकतरफा बड़ी जीत मिलती. ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में भी कहा कि उनके मैदान में न होने से नतीजों पर असर पड़ा. उनका दावा है कि मतदाता उनके लिए वोट करने को ज्यादा उत्साहित होते हैं, जबकि स्थानीय उम्मीदवारों को वैसा समर्थन नहीं मिला.
3. उम्मीदवारों की अपनी कमजोरी
ट्रंप ने पार्टी के उम्मीदवारों को भी हार के लिए जिम्मेदार ठहराया. उनके मुताबिक, कई उम्मीदवारों को मतदाताओं का समर्थन नहीं मिला और कुछ को पार्टी के समर्थकों ने पसंद नहीं किया. उन्होंने कहा कि कई सीटों पर उम्मीदवारों की अपनी कमियां थीं. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि वह इन नतीजों को अपने नेतृत्व पर हमला नहीं मानते. उनके मुताबिक, उनकी सरकार ने दो साल में अच्छा काम किया है और हार को उनकी नीतियों से जोड़ना सही नहीं है.
4. फॉक्स न्यूज को भी ठहराया जिम्मेदार
ट्रंप ने रिपब्लिकन की हार के लिए फॉक्स न्यूज पर भी निशाना साधा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि फॉक्स न्यूज लगातार डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं और विपक्ष को अपने चैनल पर जगह दे रहा था. उन्होंने न्यूयॉर्क के पूर्व मेयर बिल डी ब्लासियो का नाम लेते हुए नेटवर्क पर तंज कसा. ट्रंप ने लिखा कि इन हार के लिए फॉक्स न्यूज की भी जिम्मेदारी बनती है, क्योंकि उसने लगातार विपक्ष को दिखाया.
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5. डेमोक्रेट्स ने मजबूती से चुनाव लड़ा
ट्रंप ने पांचवीं वजह के तौर पर डेमोक्रेटिक पार्टी की मेहनत को बताया. फॉक्स न्यूज से बातचीत में उन्होंने विपक्षी पार्टी की तारीफ करते हुए कहा कि डेमोक्रेट्स ने अच्छा काम किया और मजबूती से चुनाव लड़ा. उन्होंने कहा कि उस समय माहौल में एक अलग तरह की भावना थी. ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें इस हार के लिए खुद को दोषी महसूस नहीं करना चाहिए.
हार स्वीकार की, लेकिन वीटो की चेतावनी भी दी
ट्रंप ने न्यूयॉर्क टाइम्स से बातचीत में चुनाव नतीजों को स्वीकार करने और देश के हित में डेमोक्रेट्स के साथ काम करने की बात कही. उन्होंने कहा कि वह विपक्ष के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं और दोनों पक्ष किसी समझौते पर पहुंच सकते हैं. हालांकि, फॉक्स न्यूज से बातचीत में उन्होंने चेतावनी दी कि अगर डेमोक्रेट्स कोई "बेतुका" विधेयक पास करके उनके पास भेजेंगे तो वह उस पर वीटो लगा देंगे. यानी ट्रंप ने सहयोग की बात के साथ यह भी साफ कर दिया कि आने वाले दो साल में व्हाइट हाउस और कांग्रेस के बीच टकराव की आशंका बनी रहेगी.