इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध ने शनिवार शाम एक भयावह मोड़ ले लिया जब ईरान की एक बैलिस्टिक मिसाइल दक्षिण इजरायल के शहर डिमोना (Dimona) पर जा गिरी. यह शहर न केवल इजरायल के परमाणु रिएक्टर का घर है, बल्कि अपनी विशाल भारतीय आबादी के कारण 'लिटिल इंडिया' के नाम से भी मशहूर है. इस हमले में कम से कम 47 लोग घायल हुए हैं.
स्थानीय लोगों के अनुसार मिसाइल एक कम्युनिटी बिल्डिंग पर गिरी, जिससे आसपास के पुराने मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए. अधिकांश लोग समय रहते शेल्टर में पहुंच गए थे, जिससे बड़ा नुकसान टल गया.
'मैगन डेविड एडम' (MDA) के अनुसार, मलबे और छर्रों की चपेट में आने से एक 12 वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से घायल है. इसके अलावा 31 लोग मामूली रूप से जख्मी हुए हैं और 14 लोगों को गहरे सदमे (Anxiety) के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
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मराठी भाषी 'लिटिल इंडिया' में हड़कंप
डिमोना की लगभग 30 प्रतिशत आबादी (करीब 7,500 लोग) भारतीय मूल के यहूदियों की है, जिनमें से अधिकांश महाराष्ट्र से ताल्लुक रखते हैं. यहां क्रिकेट भी काफी लोकप्रिय है और भारतीय मिठाइयां व स्नैक्स स्थानीय बाजारों में आसानी से मिल जाते हैं. यहां की गलियों में मराठी भाषा और भारतीय स्वाद (जैसे सोनपापड़ी, गुलाब जामुन, पापड़ी चाट और भेलपूरी) रचे-बसे हैं. हमले के बाद पूरे समुदाय में डर का माहौल है.
इजरायली रक्षा बल (IDF) ने स्वीकार किया है कि उनका एयर डिफेंस सिस्टम इस मिसाइल को इंटरसेप्ट करने में नाकाम रहा. मिसाइल एक सामुदायिक भवन पर गिरी, जिससे आसपास के पुराने घर ढह गए. ईरान ने इस हमले को अपने नतांज (Natanz) परमाणु केंद्र पर हुए हमले का 'प्रतिशोध' बताया है.
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हालांकि, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने स्पष्ट किया है कि डिमोना स्थित परमाणु अनुसंधान केंद्र सुरक्षित है और वहां किसी नुकसान के संकेत नहीं मिले हैं.