"उसके सिर और बाएं हाथ से बहुत ज़्यादा खून बह रहा था. मैंने घावों को दबाने के लिए टी-शर्ट का इस्तेमाल किया, लेकिन खून बहना बंद नहीं हुआ, इसलिए मैंने क्रू मेंबर से बर्फ मांगी. उन्हें बहुत गहरे घाव लगे थे, कट काफी गहरा था और हमें कई आइस पैकेट की ज़रूरत पड़ी. लेकिन जब भी मैं ब्लीडिंग चेक करने के लिए टी-शर्ट हटाता, तो खून और ज़्यादा बहने लगता. इसलिए मैंने बर्फ़ से हल्का दबाव बनाए रखा. पूरे 45 मिनट तक मैंने प्रेशन बनाए रखा."
"कई बार तो ऐसा हुआ जब उनकी नब्ज काफी नीचे चली गई, तब हमने उनकी टांगें ऊपर कर दी, लेकिन उनकी पल्स वापस आ गई."
ये तब का वाकया है जब दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट में एक डेंटिस्ट कुल्हाड़ी के मार से बुरी तरह जख्मी कैप्टन स्मित मछार को बचाने के लिए अपनी हर एक्सपर्टीज को लगा देना चाहता था.
ये वो 45 मिनट हैं जो इंडियन हीरो कैप्टन स्मित मछार को नई जिंदगी देने में कारगर साबित हुआ. कैप्टन स्मित मछार जख्मी खून से लथपथ थे और उन्हें जिंदगी देने में जुटे थे इजरायली डेंटिस्ट डॉ श्रोता मुसाएव. तब प्लेन का कॉकपिट ही कैप्टन स्मित के लिए इमरजेंसी ऑपरेशन थियेटर बन गया.
डॉ सोता शोता ने इन 45 मिनट की कहानी को ABC न्यूज के साथ शेयर किया है. इसकी रिपोर्ट UAE से प्रकाशित अखबार गल्फ न्यूज में छपी है.
टी शर्ट और आइस लगाकर खून का बहाव रोका
इजरायल में रहने वाले जॉर्जियाई डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसाएव उन यात्रियों में शामिल थे जो दुबई-तेल अवीव फ़्लाइट FZ1073 के दौरान चीख-पुकार सुनकर कॉकपिट की ओर दौड़े थे.
उन्होंने उस वाकये को याद करते हुए कहा, "मैंने देखा कि एक पायलट ज़मीन पर पड़ा था और... खून बह रहा था."
उन्होंने 'द नेशनल' को बताया, "उनके सिर और बाएं हाथ से बहुत ज़्यादा खून बह रहा था. मैंने जख्मों को दबाने के लिए टी-शर्ट का इस्तेमाल किया, लेकिन खून बहना बंद नहीं हुआ, इसलिए मैंने क्रू से बर्फ मांगी. उन्हें बहुत गहरे घाव लगे थे और हमें कई आइस पैकेट की ज़रूरत पड़ी. लेकिन जब भी मैं ब्लीडिंग चेक करने के लिए टी-शर्ट हटाता, तो खून और ज़्यादा बहने लगता. इसलिए मैंने बर्फ़ से हल्का दबाव बनाए रखा. पूरे 45 मिनट तक मैंने दबाव बनाए रखा."
डॉ शोता बुरी तरह घायल कैप्टन स्मित को होश में रखने की कोशिश की.
प्लीज सोइए नहीं, आपके कितने बच्चे हैं?
डॉ मुसाएव ने कहा, "मैंने उनसे कहा, 'प्लीज़ सोइए मत, हमें आपकी ज़रूरत है.' मैंने उनसे पूछा कि उनके कितने बच्चे हैं और उनके नाम क्या हैं. मैं उनसे कहता रहा, 'डरिए मत आप अपने परिवार के पास वापस जाओगे, हम जल्द ही लैंड करने वाले हैं.'
तब कैप्टन मछार ने अपना नाम और उम्र बताई. उन्होंने कहा कि वह दुबई में रहते हैं और भारत से हैं और दर्द से राहत के लिए मदद मांगी.
"कैप्टन स्मित ने कहा, 'कृपया मेरी मदद करें. मेरे भगवान मेरे साथ हैं. मैं जीना चाहता हूं, मैं यहां मरना नहीं चाहता.'
डॉ के मुताबिक जब भी हमारी बात हुई उन्होंने कहा, 'मेरे सिर में दर्द है; बहुत दर्द हो रहा है. मेरे हाथों में गर्मी महसूस हो रही है. मैं उनसे कहता रहा कि वे ठीक हो जाएंगे'.
जब नीले पड़ गए होंठ...
डॉ मुसाएव ने कहा कि एक समय कैप्टन स्मित की पल्स बहुत कम हो गई थी इसलिए मैंने उनके पैर ऊपर उठाए और पल्स वापस आ गई," जब मैंने देखा कि उनके होंठ नीले पड़ गए हैं, तो मैंने स्टीवर्ड से कहा, 'हमें जल्दी लैंड करना होगा. उनके पास ज़्यादा समय नहीं है.'
घटना के बाद शेयर किए गए वीडियो में कप्तान को पेनकिलर मांगते हुए सुना जा सकता है. डॉ. मुसायेव ने उन्हें थोड़ा-थोड़ा करके पानी पिलाया, लेकिन ज़्यादा खून बहने की वजह से उन्हें गोली देने का फ़ैसला नहीं किया.
"वह पीठ के बल लेटे हुए थे और मैंने उन्हें उठाने में हिचकिचाहट दिखाई क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि दोबारा खून बहने लगे. उन्हें हिलाना-डुलाना या दवा देना खतरनाक हो सकता था. स्टीवर्ड्स उन्हें दवा देना चाहते थे, लेकिन मैं इसके लिए तैयार नहीं था."
डेंटिस्ट मुसाएव पूरे समय तक कैप्टन के बारे में जानकारी लेते रहे. उन्होंने कहा, "क्या वह बात कर रहे हैं, क्या वह सो तो नहीं रहे, उनकी नब्ज़ कैसी है, होंठों का रंग कैसा है, ये सब वे संकेत थे जिनसे मैं उनकी हालत का अंदाज़ा लगा रहा था."
UAE में इलाज करा रहे हैं स्मित मछार
कैप्टन स्मित मछार फिलहाल अबू धाबी (यूएई) के अस्पताल में इलाज करा रहे हैं. 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 में को-पायलट के हमले में वे गंभीर रूप से घायल हुए थे. सऊदी अरब में सर्जरी के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए अबू धाबी एयरलिफ्ट किया गया. भारतीय दूतावास और डॉक्टरों के अनुसार उनकी रिकवरी अच्छी चल रही है.