कनाडा में परमानेंट रेजिडेंसी (PR) हासिल करना हजारों भारतीयों का सपना होता है. PR मिलने के बाद व्यक्ति को देश में रहने, काम करने और पढ़ाई करने का अधिकार मिल जाता है. हालांकि, कई लोग यह मान लेते हैं कि एक बार PR मिलने के बाद उनका स्टेटस हमेशा सुरक्षित रहेगा, हकीकत इससे अलग है.
कनाडा की इमिग्रेशन एजेंसी IRCC (Immigration, Refugees and Citizenship Canada) PR धारकों से कुछ तय नियमों का पालन करने की अपेक्षा करती है. अगर इन नियमों की अनदेखी की जाए तो PR कार्ड रिन्यू कराने, विदेश यात्रा के बाद कनाडा लौटने या रेजिडेंसी रिव्यू के दौरान परेशानी खड़ी हो सकती है. कुछ मामलों में PR स्टेटस भी खोना पड़ सकता है.
PR होल्डर्स के लिए सबसे जरूरी नियम
कनाडा के कानून के मुताबिक किसी भी PR होल्डर को हर पांच साल की अवधि में कम से कम 730 दिन यानी दो साल कनाडा में शारीरिक रूप से मौजूद रहना होता है. यह 730 दिन लगातार होना जरूरी नहीं है, लेकिन पांच साल की "रोलिंग विंडो" में पूरे होने चाहिए.
यहीं सबसे ज्यादा लोग गलती करते हैं. उन्हें लगता है कि शुरुआती सालों में पर्याप्त समय कनाडा में बिताने के बाद वे कई साल बाहर रह सकते हैं, लेकिन पांच साल की गणना लगातार आगे बढ़ती रहती है. ऐसे में पुराने दिन गिनती से बाहर हो जाते हैं और व्यक्ति 730 दिन की शर्त पूरी नहीं कर पाता.
ये 8 गलतियां PR स्टेटस पर डाल सकती हैं असर
1. बहुत लंबे समय तक कनाडा से बाहर रहना
यह सबसे आम गलती है. कई भारतीय PR मिलने के बाद नौकरी, बिजनेस या पारिवारिक कारणों से लंबे समय तक भारत या किसी अन्य देश में रहने लगते हैं. अगर पांच साल में 730 दिन की उपस्थिति पूरी नहीं हुई तो PR स्टेटस खतरे में पड़ सकता है.
2. यह मान लेना कि विदेश में बिताया हर समय गिना जाएगा
कुछ लोग सोचते हैं कि विदेश में नौकरी करने या परिवार के साथ रहने का समय भी रेजिडेंसी ऑब्लिगेशन में शामिल हो जाएगा. ऐसा हमेशा नहीं होता. केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में ही कनाडा से बाहर बिताया गया समय गिना जाता है और उसके लिए पर्याप्त दस्तावेज भी जरूरी होते हैं.
उदाहरण के लिए, यदि कोई PR होल्डर अपने कनाडाई नागरिक जीवनसाथी के साथ विदेश में रह रहा है या किसी कनाडाई कंपनी अथवा सरकारी संस्था के लिए विदेश में काम कर रहा है. हालांकि, इन मामलों में भी पर्याप्त दस्तावेज और सबूत देना जरूरी होता है.
3. कनाडा में मौजूदगी के सबूत न संभालकर रखना
IRCC केवल आपके कहने पर भरोसा नहीं करता. जरूरत पड़ने पर आपको साबित करना होता है कि आप कनाडा में रहे हैं. पासपोर्ट स्टैम्प, फ्लाइट टिकट, किराये का एग्रीमेंट, नौकरी के रिकॉर्ड, बैंक स्टेटमेंट, टैक्स दस्तावेज और हेल्थ कार्ड रिकॉर्ड जैसे कागजात संभालकर रखना बेहद जरूरी है.
4. 730 दिन की सीमा के बेहद करीब पहुंचकर विदेश जाना
कई PR होल्डर्स 730 दिन पूरे होने के बाद राहत महसूस करते हैं और लंबी विदेश यात्रा पर निकल जाते हैं लेकिन फ्लाइट कैंसिलेशन, मेडिकल इमरजेंसी या अन्य कारणों से वापसी में देरी हो जाए तो वे निर्धारित सीमा से नीचे जा सकते हैं इसलिए हमेशा कुछ अतिरिक्त दिनों का सुरक्षा मार्जिन रखना चाहिए.
5. कमजोर दस्तावेजों के साथ PRTD के लिए आवेदन करना
अगर आपका PR कार्ड एक्सपायर हो गया है और आप कनाडा के बाहर हैं, तो वापसी के लिए Permanent Resident Travel Document (PRTD) की जरूरत पड़ सकती है. इस आवेदन में रेजिडेंसी शर्त पूरी होने के पर्याप्त प्रमाण नहीं दिए गए तो आवेदन खारिज हो सकता है और आपके PR स्टेटस की समीक्षा शुरू हो सकती है.
6. IRCC के नोटिस या रिव्यू को नजरअंदाज करना
अगर IRCC को लगता है कि आपने रेजिडेंसी नियमों का पालन नहीं किया है तो वह नोटिस भेज सकती है. कई लोग जवाब देने में देरी कर देते हैं या नोटिस को गंभीरता से नहीं लेते. इससे अपील का मौका भी हाथ से निकल सकता है और PR स्टेटस खोने की नौबत आ सकती है.
7. गलत या विरोधाभासी ट्रैवल हिस्ट्री देना
PR कार्ड रिन्यूअल, PRTD या सिटिजनशिप आवेदन में दी गई यात्रा संबंधी जानकारी हर बार एक जैसी होनी चाहिए. अलग-अलग आवेदन में अलग तारीखें या जानकारी मिलने पर IRCC संदेह कर सकती है. गंभीर मामलों में इसे गलत जानकारी (Misrepresentation) माना जा सकता है, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.
8. PR और सिटिजनशिप के नियमों को एक समझ लेना
कई लोग PR बनाए रखने और कनाडाई नागरिकता पाने की शर्तों को लेकर भ्रमित हो जाते हैं. PR के लिए पांच साल में 730 दिन जरूरी हैं, जबकि नागरिकता लेने के लिए पिछले पांच साल में कम से कम 1,095 दिन की शारीरिक उपस्थिति चाहिए. दोनों की गिनती अलग-अलग होती है.
PR कार्ड एक्सपायर होने का क्या मतलब है?
एक बड़ी गलतफहमी यह भी है कि PR कार्ड की अवधि खत्म होने पर PR स्टेटस भी खत्म हो जाता है. ऐसा नहीं है. PR कार्ड केवल यात्रा और पहचान का दस्तावेज है. कार्ड एक्सपायर होने के बाद भी व्यक्ति PR बना रहता है, लेकिन कनाडा लौटने में परेशानी आ सकती है. अगर कोई व्यक्ति विदेश में है और उसका PR कार्ड एक्सपायर हो चुका है, तो उसे कनाडा लौटने के लिए PRTD की जरूरत पड़ सकती है.
भारतीय PR होल्डर्स क्या करें?
विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय मूल के PR होल्डर्स को अपनी हर विदेश यात्रा का रिकॉर्ड रखना चाहिए. कनाडा में रहने और काम करने से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखें, PR कार्ड समय पर रिन्यू कराएं और IRCC से आने वाले किसी भी पत्र या ईमेल को नजरअंदाज न करें.