पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने एक बार फिर कश्मीर को लेकर भारत विरोधी बयान दिया है. उन्होंने कश्मीर को पाकिस्तान की 'जुगुलर वेन' यानी सबसे अहम नस बताया है. यह बयान ऐसे समय पर आया है जब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में विरोध प्रदर्शन तेज हो रहे हैं और वहां के लोग पाकिस्तान सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर रहे हैं.
रावलपिंडी के जीएचक्यू में हुई 276वीं कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में आसिम मुनीर की अध्यक्षता में पाकिस्तानी सेना ने भारत पर जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकार हनन और डेमोग्राफिक बदलाव के आरोप लगाए हैं.
पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा आईएसपीआर के बयान के मुताबिक कश्मीर पाकिस्तान के लिए बेहद अहम मुद्दा बना हुआ है. यह बयान तब आया है जब पीओजेके में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी यानी जेएएसी ने पाकिस्तान और पीओजेके सरकार को 8 जुलाई तक की डेडलाइन दी है.
कमेटी ने कहा है कि अगर उनकी मांगें 8 जुलाई तक नहीं मानी गईं तो आगे की रणनीति का ऐलान उसी दिन धरना स्थल से किया जाएगा. कमेटी ने अपने समर्थकों से पूरी तैयारी के साथ अनुशासन बनाए रखने की अपील भी की है.
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वहीं कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तानी सेना ने देश की सुरक्षा स्थिति और सैन्य तैयारियों का जायजा लिया. आईएसपीआर ने दावा किया कि भारत समर्थित आतंकी गुट अफगान तालिबान के कब्जे वाले इलाकों से ऑपरेट कर रहे हैं और पाकिस्तान के अंदर हमले कर रहे हैं.
सेना ने ऑपरेशन गजब-उल-हक के तहत आतंकवाद विरोधी अभियान जारी रखने की बात दोहराई. इसके अलावा आईएसपीआर ने भारत पर हाइब्रिड वॉरफेयर और झूठी जानकारी फैलाने का आरोप भी लगाया और सिंधु जल संधि को लेकर अपना पुराना रुख दोहराया.
आलोचकों का कहना है कि पीओजेके में मुजफ्फराबाद समझौते को लागू करने की मांग को लेकर बढ़ते विरोध से ध्यान भटकाने के लिए ही यह बयान दिया गया है.