होर्मुज स्ट्रेट की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है. अमेरिका और ईरान के बीच हालिया समझौते (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) के बाद ईरान और ओमान ने इस रणनीतिक समुद्री रास्ते में जहाजों की "सुरक्षित और स्वतंत्र आवाजाही" सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई है. हालांकि इसके साथ ही यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या ईरान भविष्य में यहां से गुजरने वाले जहाजों से किसी तरह की फीस या टोल वसूलेगा?
मंगलवार को ओमान के विदेश मंत्री बदर अलबुसैदी और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच फोन पर बातचीत हुई. दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की.
यह भी पढ़ें: ईरान डील पर ट्रंप की टीम में टूट! CIA के जासूसों को तेहरान से मिले इनपुट ने उड़ा दी नींद
ओमान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री यातायात की सुरक्षित और स्वतंत्र आवाजाही बनाए रखने पर सहमति जताई. उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि क्षेत्र के सभी पक्ष सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक कोशिशों को आगे बढ़ाएंगे.
ईरान-अमेरिका के बीच डील पर 19 जून को होगा साइन
यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और ईरान ने हाल ही में एक समझौते का मसौदा तैयार किया है. इसके तहत दोनों देशों के बीच जंग खत्म हो जाएगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और होर्मुज स्ट्रेट जल्द पूरी तरह खोल दिया जाएगा. हालांकि, ईरान का कहना है कि अंतिम हस्ताक्षर 19 जून को स्विट्जरलैंड में होने वाली बैठक में किए जा सकते हैं.
दरअसल, पिछले कुछ महीनों में होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तनाव का केंद्र बना रहा. अमेरिका और इजरायल के साथ संघर्ष के दौरान ईरान ने इस क्षेत्र में कड़ी निगरानी और नियंत्रण बढ़ा दिया था. कई रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि कुछ जहाजों से गुजरने के लिए शुल्क या विशेष अनुमति की मांग की जा रही थी.
ईरान-ओमान ने फ्री पासेज पर जताई सहमति
अब ईरान और ओमान के संयुक्त बयान को इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि तेहरान फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात को सामान्य करने की कोशिश कर रहा है. खास बात यह है कि बयान में "फ्री पैसेज" यानी स्वतंत्र आवाजाही पर जोर दिया गया है. इसका सीधा मतलब यह माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को बिना किसी अतिरिक्त रोकटोक के गुजरने दिया जाएगा.
यह भी पढ़ें: Bibi से बार-बार क्यों हो रही है ट्रंप की लड़ाई, क्या ईरान डील को लेकर रास्ते अलग होंगे?
होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच स्थित है और यह फारस की खाड़ी को अरब सागर और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से जोड़ता है. दुनिया के तेल और गैस व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है. अनुमान है कि वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इसी मार्ग से दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचता है.
यही वजह है कि होर्मुज में किसी भी तरह का तनाव या प्रतिबंध पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है. फिलहाल ईरान और ओमान के ताजा बयान से संकेत मिल रहे हैं कि दोनों देश इस अहम समुद्री मार्ग को खुला और सुरक्षित रखने के पक्ष में हैं. ऐसे में कम से कम अभी के लिए जहाजों से किसी नई फीस या टोल वसूली की संभावना कम दिखाई देती है, लेकिन क्षेत्रीय हालात को देखते हुए दुनिया की नजरें आगे होने वाली घटना पर बनी रहेंगी