राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को लेकर चल रही जांच के बीच उन नामों में शामिल टिन्नू यादव ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है. पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया, राजनीतिक गलियारों और स्थानीय स्तर पर उनके नाम को लेकर तरह-तरह की बातें कही जा रही हैं. आरोप लग रहे हैं कि मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका संदिग्ध रही है. इसी बीच आजतक ने टिन्नू यादव से फोन पर बातचीत की. बातचीत के दौरान उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया, संपत्ति को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया और एसआईटी जांच पर भरोसा जताया. उन्होंने कहा, मैं हनुमान जी तो हूं नहीं कि सीना फाड़कर दिखाऊं कि कौन हमसे जल रहा है
पढ़िए आजतक के साथ टिन्नू यादव का पूरा इंटरव्यू :
सवाल: आपका नाम पूरे मामले में सामने आ रहा है. चंपत राय जी से आपका रिश्ता क्या है? आप कब से उनके साथ काम कर रहे हैं?
टिन्नू यादव: मैं संगठन में काम करता हूं. 1993 से संगठन से जुड़ा हूं और लगातार सेवा कार्य कर रहा हूं.
सवाल: आरोप है कि मंदिर ट्रस्ट में आने वाला पैसा, व्यवस्थाएं और दर्शनार्थियों की गतिविधियां आपकी निगरानी में रहती थीं?
टिन्नू यादव : यह सब मनगढ़ंत कहानी है. लोग ईर्ष्या की वजह से ऐसी बातें फैला रहे हैं. रामजी के दर्शन के लिए लाखों लोग आते हैं और सबको दर्शन होते हैं. जो बातें मेरे बारे में कही जा रही हैं, उनका कोई आधार नहीं है.
सवाल: कहा जा रहा है कि राम मंदिर बनने के बाद आपकी संपत्ति काफी बढ़ गई और आप करोड़पति बन गए?
टिन्नू यादव: लोग ईर्ष्या में ऐसी बातें कर रहे हैं. अगर किसी को लगता है कि हमारी संपत्ति बढ़ी है तो उसकी जांच करा ले. हमें कोई आपत्ति नहीं है.
सवाल: जिस हॉस्टल और जमीन की चर्चा हो रही है, क्या वह पहले से आपकी थी?
टिन्नू यादव: मैंने 2008 में जमीन खरीदी थी. उसके बाद 2015-16 में निर्माण कराया गया. राम मंदिर मामले पर फैसला आने से पहले ही वह मकान और निर्माण कार्य हो चुका था.
सवाल: संतोष दुबे आरोप लगा रहे हैं कि आप, चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा मिलकर चढ़ावे की चोरी में शामिल रहे हैं. क्या कहेंगे?
टिन्नू यादव: जो लोग आरोप लगा रहे हैं, उन्हें कोई जानकारी नहीं है. किसी ने कुछ कह दिया और लोग उसी को आगे बढ़ा रहे हैं. यह सब अनर्गल बातें हैं.
सवाल: सीधे पूछते हैं, क्या चढ़ावे की चोरी हुई है?
टिन्नू यादव: नहीं हुई है. जहां नियमित रूप से काउंटिंग हो रही है, वहां चोरी कैसे हो सकती है?
सवाल: लेकिन पांच लोगों के पकड़े जाने और नकदी बरामद होने की बातें सामने आई हैं?
टिन्नू यादव: वहां के स्टाफ में किसी ने कुछ किया होगा तो उसकी जांच हो रही होगी. लेकिन चंपत राय जी, अनिल जी या गोपाल जी पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे गलत हैं.
सवाल: क्या दान पात्र से आने वाले पैसे की चोरी हुई है?
टिन्नू यादव: हमें इसकी जानकारी नहीं है. मैं अपने ऊपर लगाए गए आरोपों के बारे में बात कर रहा हूं. मीडिया के माध्यम से बहुत सारी बातें चल रही हैं, लेकिन कोई प्रमाण सामने नहीं रखा जा रहा.
सवाल: आखिरी बार मंदिर कब गए थे?
टिन्नू यादव: मंदिर तो हम रोज जाते हैं.
सवाल: आज भी गए थे?
टिन्नू यादव: जी, बिल्कुल. आज अभी भी जाऊंगा.
सवाल: क्या एसआईटी ने आपसे कोई पूछताछ की है?
टिन्नू यादव: अभी तक नहीं की है.
सवाल: अगर बुलाया गया तो जाएंगे?
टिन्नू यादव: बिल्कुल जाएंगे. जांच एजेंसी बुलाएगी तो पूरा सहयोग करेंगे.
सवाल: अगर चोरी नहीं हुई तो फिर यह मामला इतना बड़ा कैसे बन गया?
टिन्नू यादव: कुछ लोग ईर्ष्या में बातें फैला रहे हैं. लेकिन अगर किसी के पास कोई सबूत है तो उसे सामने लाना चाहिए.
सवाल: आपको लगता है कि लोग आपसे जलते हैं?
टिन्नू यादव: हनुमान जी तो हैं नहीं कि सीना फाड़कर दिखाऊं कि कौन हमसे जल रहा है. समाज में कई तरह के लोग होते हैं.
सवाल: लोग पूछ रहे हैं कि आखिर कोई आपसे क्यों जलेगा?
टिन्नू यादव: यह तो वही लोग बता सकते हैं जो ऐसी बातें फैला रहे हैं. मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता.
सवाल: करोड़ों रुपये की चोरी की चर्चा हो रही है. क्या आपको लगता है कि इसमें कुछ सच्चाई है?
टिन्नू यादव: उस विषय से मेरा कोई लेना-देना नहीं है. जांच एजेंसियां जांच कर रही हैं. वही बताएंगी कि सच्चाई क्या है.
सवाल: मंदिर ट्रस्ट में आपकी जिम्मेदारी क्या थी?
टिन्नू यादव: हमें सेवा कार्य के लिए लगाया गया था.
सवाल: किस तरह की सेवा?
टिन्नू यादव: मंदिर परिसर में व्यवस्थाएं देखना. कहां पंखा लगना है, कहां सफाई करानी है, पानी की व्यवस्था देखनी है. ऐसे काम हम देखते थे.
सवाल: लोग कह रहे हैं कि जो कभी ड्राइवर था और 22 हजार रुपये की नौकरी करता था, वह करोड़पति कैसे बन गया?
टिन्नू यादव: लोगों को पूरी जानकारी नहीं है. हमने 2008 में जमीन खरीदी थी. हॉस्टल बनाया और उसे किराये पर दिया. हमारे टेम्पो भी चलते थे. लेकिन लोग सिर्फ आधी बात जानते हैं और उसी के आधार पर आरोप लगा देते हैं.
सवाल: क्या आप कैमरे पर आकर भी यही बातें कहेंगे?
टिन्नू यादव: मैं मोबाइल पर आपको सब बता रहा हूं. अभी सामने मिलना संभव नहीं है, लेकिन अपनी बात तो रख ही रहा हूं.
सवाल: मंदिर में नोट गिनने वालों की तलाशी होती है, सुरक्षा व्यवस्था रहती है. ऐसे में चोरी की बातें कैसे सामने आ रही हैं?
टिन्नू यादव: उस व्यवस्था के बारे में मैं कुछ नहीं बता पाऊंगा क्योंकि उस विषय से मेरा सीधा संबंध नहीं है.
सवाल: अगर आपका संबंध नहीं है तो फिर आपका नाम बार-बार क्यों सामने आ रहा है?
टिन्नू यादव: जो लोग नाम उछाल रहे हैं, वही बता सकते हैं कि क्यों उछाल रहे हैं.
सवाल: आप इतने करीब से जुड़े रहे हैं. फिर भी आपको नहीं पता कि चोरी हुई या नहीं?
टिन्नू यादव: जो बातें मीडिया में चल रही हैं, वही हम भी सुन रहे हैं. हमें इसकी जानकारी नहीं है.
सवाल: चंपत राय जी से आखिरी बार कब बात हुई थी?
टिन्नू यादव: हमारी तो रोज बात होती है.
सवाल: आज भी बात हुई?
टिन्नू यादव: जी.
सवाल: हाल में मुलाकात भी हुई?
टिन्नू यादव: हां, कल भी हुई थी और परसों भी हुई थी.
सवाल: इस पूरे विवाद पर उन्होंने क्या कहा?
टिन्नू यादव: एसआईटी जांच कर रही है. दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.
सवाल: आपको क्या लगता है, आखिर सच क्या है?
टिन्नू यादव: सच भगवान देख रहे हैं. जांच पूरी होगी तो सब सामने आ जाएगा.
सवाल: क्या यह कोई प्रोपेगेंडा है?
टिन्नू यादव: उसके बारे में हम क्या कहें. लेकिन जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, उनके समर्थन में प्रमाण आने चाहिए.
सवाल: क्या ट्रस्ट को बदनाम करने की कोशिश हो रही है?
टिन्नू यादव: इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करूंगा. लेकिन सच्चाई सामने आनी चाहिए.
सवाल: क्या आपको लगता है कि कुछ कर्मचारी स्तर पर गड़बड़ी हुई हो सकती है?
टिन्नू यादव: अभी हमें इसकी कोई जानकारी नहीं है. जांच चल रही है, जांच एजेंसियां बेहतर बता पाएंगी.