scorecardresearch
 

'हमें वापस बांग्लादेश भेज दो...', बंगाल की हाकिमपुर सीमा पर उमड़ी घुसपैठियों की भीड़

बंगाल में अवैध घुसपैठियों के लिए होल्डिंग सेंटर खोलने के फैसले के बाद हाकिमपुर बॉर्डर पर अवैध बांग्लादेशियों की भीड़ बढ़ने लगी है. पिछले दो दिनों में सैकड़ों लोग वापस बांग्लादेश भेजे जाने की गुहार लेकर सीमा पर पहुंच चुके हैं. प्रशासन रिकॉर्ड तैयार कर होल्डिंग सेंटरों में शिफ्ट कर रहा है.

Advertisement
X
न्यू टाउन से हाकिमपुर बॉर्डर तक हलचल, अवैध बांग्लादेशियों का रिकॉर्ड तैयार. (Photo: ITG)
न्यू टाउन से हाकिमपुर बॉर्डर तक हलचल, अवैध बांग्लादेशियों का रिकॉर्ड तैयार. (Photo: ITG)

पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशियों और रोहिंग्या लोगों के लिए होल्डिंग सेंटर खोलने के फैसले का बड़ा असर देखने को मिल रहा है. उत्तर 24 परगना जिले के हाकिमपुर बॉर्डर पर अवैध नागरिकों का जमावड़ा बढ़ने लगा है. पिछले दो दिनों से लगातार बड़ी संख्या में लोग सीमा पर पहुंच रहे हैं. वापस बांग्लादेश में भेजे जाने की मांग कर रहे हैं.

बुधवार को भी काफी अवैध बांग्लादेशी नागरिक हाकिमपुर सीमा के पास पहुंचे. इससे पहले एसआईआर प्रक्रिया के दौरान भी ऐसी ही भीड़ देखी गई थी. सीमा पर पहुंचे ज्यादातर लोग कोलकाता के न्यू टाउन, खरदह और डानकुनी इलाके से आए थे. इनमें से कई लोग पिछले कुछ वर्षों में अवैध तरीके से भारत में दाखिल हुए थे.

हाकिमपुर सीमा पर आजतक की टीम को एक ऐसा परिवार मिला जिसने सभी का ध्यान खींचा. पति, पत्नी और भाई तीनों दृष्टिबाधित हैं. उत्तर 24 परगना के खरदाह इलाके में रहते थे. ये लोग सड़क और ट्रेनों में भीख मांगकर गुजर-बसर करते थे. मो शमशुराहमान, पत्नी आशिया खातून और भाई बिलाल एक साल से भारत में रह रहे थे. 

उनका कहना है कि शुभेंदु सरकार आने के बाद उन्हें डर सताने लगा और अब वे वापस बांग्लादेश जाना चाहते हैं. तीनों सुबह से बॉर्डर पर मौजूद रहे. वहां मौजूद अधिकारियों से जल्द वापस भेजे जाने की गुहार लगाते रहे. वहीं मफूजा खातून ने दावा किया कि वह 10 साल की उम्र में अपने पिता के साथ बांग्लादेश से भारत आई थी. 

Advertisement

मफूजा ने कहा कि यदि मोदी उन्हें यहां रहने दें तो वे उनको वोट देंगे. उसने बताया कि इससे पहले वो ममता बनर्जी को वोट देती थी. उसका वोटर आईडी कार्ड और आधार कार्ड भी म्यूनिसिपैलिटी की ओर से बनवाया गया था. वो तीन बार भारत में वोट भी दे चुकी है. मो मोनीरुज़्मान कोलकाता के न्यू टाउन में पिछले तीन साल से रह रहे थे.  

उन्होंने अपना बांग्लादेश का जन्म प्रमाण पत्र दिखाते हुए बताया कि वो तीन साल पहले भारत आए थे. यहां मजदूरी करते थे. उनका आरोप है कि शुभेंदु सरकार आने के बाद हालात बदल गए हैं. किराए के घर की बिजली काट दी गई. खाने तक के लाले पड़ गए हैं. वापस बांग्लादेश लौटने के लिए कहे जाने के बाद वो हाकिमपुर बॉर्डर पहुंचे हैं.

मनियारा बीबी न्यू टाउन इलाके में कबाड़ उठाने का काम करती थी. उन्होंने भी कहा कि अब उस पर वापस जाने का दबाव बढ़ गया है. यहां रहना मुश्किल हो गया है. सीमा पर ऐसे कई लोग भी मिले जिन्होंने स्वीकार किया कि वे दलालों को पैसे देकर बांग्लादेश से भारत आए थे. कई लोगों ने बताया कि 8 से 10 हजार रुपए तक दलालों को दिए थे.

फिलहाल हाकिमपुर सीमा पर करीब 50 से 60 लोग जमा हो चुके हैं. सभी वापस बांग्लादेश जाना चाहते हैं. स्वरूपनगर थाने की ओर से यहां एक डेस्क बनाई गई है. सीमा पर पहुंच रहे लोगों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है. बांग्लादेशी दस्तावेजों की जांच की जा रही है. एक डेटाबेस बनाया जा रहा है. 350 बांग्लादेशियों का रिकॉर्ड तैयार किया जा चुका है.

Advertisement

सीमा पर पहुंचे कई लोगों को होल्डिंग सेंटरों में शिफ्ट किया जा रहा है. सबसे बड़ा होल्डिंग सेंटर टेंटुलिया में बनाया गया है. यहां पाथेर साथी बिल्डिंग में बनाए गए सेंटर में फिलहाल 116 बांग्लादेशियों को रखा गया है. इनके लिए हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम, रसोइये और पुलिस बल की तैनाती की गई है. भोजन और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का ध्यान रखा जा रहा है.

उत्तर 24 परगना जिले में ऐसे कई छोटे होल्डिंग सेंटर भी बनाए जा रहे हैं. वहां हाकिमपुर बॉर्डर पर पहुंच रहे लोगों को रखा जाएगा. प्रशासन का कहना है कि उचित समय पर इन्हें पुश बैक किया जाएगा. हालांकि बॉर्डर से कल तक पुश बैक की प्रक्रिया जारी थी, लेकिन मंगलवार रात के बाद से यह प्रक्रिया बंद है. बांग्लादेश ने घुसपैठियों को वापस लेना रोक दिया है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement