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1 करोड़ की रंगदारी केस में TMC नेता गिरफ्तार, कोर्ट परिसर के बाहर लोगों ने बरसाए अंडे-टमाटर

बिधाननगर के पूर्व चेयरमैन और TMC नेता सव्यसाची दत्ता की कथित रंगदारी मामले में गिरफ्तारी के बाद बंगाल की राजनीति गरमा गई है. कोर्ट में पेशी के दौरान बाहर लोगों का गुस्सा भी देखने को मिला, जहां विरोध प्रदर्शन ने पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया.

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1 करोड़ की रंगदारी केस में घिरे टीएमसी नेता सव्यसाची दत्ता. (Phot: Social media)
1 करोड़ की रंगदारी केस में घिरे टीएमसी नेता सव्यसाची दत्ता. (Phot: Social media)

पश्चिम बंगाल के बड़े TMC नेता और बिधाननगर नगर निगम के पूर्व चेयरमैन सव्यसाची दत्ता को 1 करोड़ रुपये की कथित रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. इस कार्रवाई के बाद मंगलवार को जब उन्हें अदालत में पेश किया गया, तब कोर्ट परिसर के बाहर मौजूद गुस्साए लोगों ने उन पर अंडे, टमाटर और गोबर फेंककर विरोध जताया. इस पूरे घटनाक्रम से राजनीतिक हलचल काफी बढ़ गई.

शिकायतकर्ता मधुसूदन चक्रवर्ती ने इस मामले से जुड़ा एक कथित ऑडियो क्लिप भी जारी किया है. रिकॉर्डिंग में सव्यसाची दत्ता जैसी सुनाई देने वाली आवाज एक कारोबारी से पैसे की मांग करती सुनाई दे रही है, जबकि दूसरी तरफ कारोबारी जैसी आवाज माफी मांगती सुनाई देती है. हालांकि इस वायरल ऑडियो क्लिप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन गिरफ्तारी के बाद इसने विवाद को और बढ़ा दिया है.

अदालत में तीखी बहस, पुलिस ने मांगी 10 दिनों की रिमांड

मंगलवार को कोर्ट में इस केस को लेकर कानूनी जंग काफी तेज रही. सव्यसाची दत्ता के वकील ने इस पूरी गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताया. उनका तर्क था कि पुलिस ने नोटिस जारी कर 8 जून को ही गिरफ्तारी कर ली, जबकि शिकायतकर्ता चक्रवर्ती के नाम पर एफआईआर आधिकारिक तौर पर 9 जून को दर्ज हुई. बचाव पक्ष ने मामले की सच्चाई जानने के लिए घर के सीसीटीवी फुटेज जांचने की मांग भी उठाई.

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दूसरी तरफ सरकारी वकील ने अदालत में दावा किया कि 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने से जुड़े सबूत मौजूद हैं और पहले भी कुछ भुगतान किए गए थे. अभियोजन पक्ष के मुताबिक, आरोपी अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सरकारी दफ्तर से निजी कामकाज चला रहा था. मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए पुलिस ने अदालत से 10 दिनों की कस्टडी मांगी है.

शिकायतकर्ता का पुराना दावा

शिकायतकर्ता मधुसूदन चक्रवर्ती ने दावा किया कि उन्होंने इस मामले को 2018 में भी उठाया था, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार धमकियां मिलती रहीं और पैसे देने का दबाव बनाया जाता था. उनका कहना है कि यह पूरा सिस्टम लंबे समय से चल रहा था. वहीं, इलाके के कई व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने भी आरोप लगाया है कि न्यू टाउन और सॉल्ट लेक क्षेत्र में एक संगठित तरीके से वसूली का नेटवर्क काम करता था, जिसमें दुकानदारों और ठेकेदारों से पैसे लिए जाते थे.

अदालत में पेशी से पहले सव्य साची दत्ता का मेडिकल टेस्ट कराया गया. कोर्ट परिसर के बाहर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने उन्हें देखते ही अंडे, टमाटर और गोबर फेंककर विरोध जताया. पुलिस को हालात संभालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी. फिलहाल मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है और पुलिस कथित वसूली नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.
 

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