पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने अपनी पेंशन और किताबों से मिलने वाली रॉयल्टी को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि 'वे मुझे गाली देने का कोई मौका नहीं छोड़ते, जबकि उन्हें पता है कि मैंने अपनी सैलरी या पेंशन से एक पैसा भी नहीं लिया है. मैं अपनी किताबों की रॉयल्टी से मिलने वाले पैसों से अपना गुजारा करती हूं, हालांकि इस साल अभी तक मुझे वह भी नहीं मिला. हमारे बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं.'
ममता बनर्जी ने सवाल किया कि बीजेपी के कितने बैंक खाते हैं? उन्होंने कहा कि RSS का रजिस्ट्रेशन तक नहीं है और उसे भी विदेशों से फंड मिलता है. उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध कर रही युवा पीढ़ी को देश विरोधी बताया जा रहा है और उन्हें तथा उनके परिवारों को परेशान किया जा रहा है.
ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें सुनने को मिला है कि तीन महीने के अंदर बंगाल में लाखों रुपये की लूट हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग भगवान राम के नाम पर नारे लगाते हैं, लेकिन उनकी दान पेटी से भी लूट करते हैं. ऐसा मंदिरों और राज्यों में किया जा रहा है. बीजेपी को लगता है कि दान पेटियां भी उसी की हैं.
सुवेंदु अधिकारी पर साधा निशाना
ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर निशाना साधते हुए कहा कि 'वह दूसरों को चोर कह रहे हैं. आप इसी सरकार में करीब 11 साल तक थे. आपके पिता सांसद थे, आप सांसद थे, आपके पिता केंद्रीय मंत्री थे और यह सब TMC की वजह से था. जैसे आपने तब कुछ किया ही नहीं और अब सारा दोष दूसरों पर है.'
उन्होंने कहा कि माफिया की बात वह व्यक्ति कर रहा है, जिसने हर तरह के अपराध में उनका सबसे ज्यादा साथ दिया. बृजभूषण शरण सिंह मामले का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि पहलवानों को न्याय नहीं मिला. कई महिलाओं के साथ रेप हुआ. हमारे समय में एक भी घटना को नजरअंदाज नहीं किया गया और तुरंत कार्रवाई की जाती थी. लेकिन अब इतने मामलों के बाद भी बीजेपी किसी को उनके परिवारों से मिलने नहीं दे रही है और पुलिस के जरिए उन्हें धमकाया जा रहा है.
कार्यकर्ताओं पर हजारों केस लगाने का आरोप
ममता बनर्जी ने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं पर हजारों मामले दर्ज किए गए हैं. पंचायतों, नगरपालिकाओं और जिला परिषदों पर कब्जा कर लिया गया है. परिसीमन का काम घर से चल रहा है, जनगणना का काम चल रहा है, लेकिन राजनीतिक दलों को इसमें शामिल नहीं किया जा रहा. उन्होंने सवाल किया कि इसकी क्या गारंटी है कि एक और SIR नहीं किया जा रहा है? ममता बनर्जी ने कहा कि वह न्याय की उम्मीद में सुप्रीम कोर्ट गई थीं. इसके खिलाफ लड़ने के लिए बड़े जन आंदोलन और जागरूकता की जरूरत है. सभी को एक साथ आकर लड़ना चाहिए.