राम मंदिर चढ़ावा की विस्तृत जांच रिपोर्ट लगभग तैयार है और सूत्रों के मुताबिक इसमें कई ऐसे खुलासे हुए हैं, जो मंदिर प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, जांच में टिन्नू यादव की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा स्पष्ट होकर सामने आई है. टिन्नू की मंदिर के प्रबंधन और संवेदनशील कामकाज में उसकी गहरी पैठ थी. दान पात्र यानी हुंडियों की चाबियां भी उसके पास रहती थीं. चोरी की सबसे बड़ी वजह भर्ती प्रक्रिया में हुई अनियमितताएं रहीं. चंपत राय को पूरी तरह क्लीन चिट नहीं दी गई है.