
बेल्जियम से समुद्री रास्ते ओडिशा के पारादीप पहुंचा 200 टन से अधिक वजनी और 100 फीट लंबा विशाल औद्योगिक बॉयलर सिधौना के रास्ते यूपी के गाजीपुर जिले पहुंच गया. यह बॉयलर लखीमपुर खीरी के कुंभी स्थित बलरामपुर चीनी मिल में स्थापित करने के लिए ले जाया जा रहा है. चार महीने की कागजी कार्रवाई के बाद इसे 308 पहियों वाले विशेष मल्टी-एक्सल हाइड्रोलिक ट्रक से झारखंड और बिहार होते हुए उत्तर प्रदेश लाया गया है. अत्यधिक वजन और आकार के कारण दो पायलट वाहनों और विशेषज्ञों की निगरानी में यह ट्रक रोजाना महज 10 से 20 किलोमीटर की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है.
रास्ते के अवरोध हटाकर आगे बढ़ रहा काफिला
विशालकाय ट्रक के सुरक्षित आवागमन के लिए आगे-आगे चल रही विशेषज्ञों की टीम रास्ते में आने वाले बिजली के तारों, पेड़ों और संकरी सड़कों की बाधाओं को दूर कर रही है. जानकारी के मुताबिक, वाराणसी के संदहा, उमरहां और चौबेपुर में फोरलेन पर बने फुटओवर ब्रिज के ढांचे को खोलकर रास्ता दिया गया. कैथी टोल प्लाजा से बेहद धीमी गति से निकला यह काफिला अब बिरनो टोल प्लाजा की तरफ बढ़ चुका है.
3-4 हफ्तों में गंतव्य तक पहुंचेगा 'महाबली' ट्रक
इस विशाल उपकरण के रूट में बदलाव किया गया है और अब यह गाजीपुर से लखीमपुर खीरी की ओर बढ़ेगा. वजन के कारण यह वाहन दिनभर में केवल 10-20 किलोमीटर ही दूरी तय कर पा रहा है. इससे पहले यह चंदौली में भी दो दिनों तक फंसा रहा था. धीमी रफ्तार के कारण इसे कुंभी स्थित बलरामपुर चीनी मिल तक पहुंचने में अभी तीन से चार हफ्तों का समय और लग सकता है.
ग्रामीणों में बना कौतूहल, एनएचएआई मुस्तैद
308 पहियों के इस विशाल ट्रक को देखने के लिए रास्ते भर ग्रामीणों और राहगीरों की भारी भीड़ जुट रही है. लोग रुक-रुककर मोबाइल से फोटो और वीडियो बना रहे हैं. एनएचएआई के अधिकारी के अनुसार, जिले की सीमा में यातायात और सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. हाईवे पेट्रोलिंग टीम और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार वाहन के साथ मौजूद हैं.

बदलती रहती है पहियों कि संख्या
अनेक भारती इस कंपनी में पारादीप पोर्ट पर तैनात हैं और इस लॉजिस्टिक कंपनी में सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर की जिम्मेदारी निभा रहे हैं. भारती बताते हैं कि जब यह ट्रक ओडिशा से उत्तर प्रदेश के लिए चला तो इसकी लंबाई ज्यादा थी और इसमें कुल 308 पहिये थे. बाद में जरूरत और सुविधा के हिसाब से ट्रेलर के कुछ हिस्से को हटा दिया गया. वर्तमान समय में कुल 260 पहियों के ट्रक पर इस मशीन को लखीमपुर के लिए ले जाया जा रहा है. पहिये घटते-बढ़ते रहते हैं.