उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 17 जुलाई को बिजनौर के वर्धमान कॉलेज में आयोजित एक जनसभा के दौरान ₹1,003 करोड़ से अधिक की लागत वाली 76 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास की बड़ी सौगात दी. विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक और प्रमाण पत्र वितरित किये. मुख्यमंत्री योगी ने पूर्व मुख्यमंत्रियों के बिजनौर न आने के दावों को खारिज करते हुए उन्हें ही अपशकुनी बताया.
बिजनौर को अपशकुन बताने वाले नेताओं पर हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के पहले मुख्यमंत्री बिजनौर को अपशकुन मानकर यहां नहीं आते थे, लेकिन असल में वो खुद ही अपशकुन थे. जिस पावन धरा पर भगवान कृष्ण खुद आने को आतुर रहे और महात्मा विदुर के घर साग खाया, वहां भला कौन नहीं आना चाहेगा. उन्होंने तंज कसा कि पहले के नेता रात देर तक जागते थे, सुबह देर से सोते थे और अपनी मंडली में बैठे रहते थे, उनके पास जनता से मिलने का समय ही नहीं था.
जिन्ना बनाम गन्ना और दंगामुक्त उत्तर प्रदेश
विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए सीएम योगी ने कहा कि बिजनौर में कुछ लोग बांटने की बात करते थे, ये वो लोग हैं जिन्हें जिन्ना चाहिए, जबकि हमें गन्ना चाहिए. पहले ये लोग शिवरात्रि, जन्माष्टमी और कांवड़ यात्रा पर रोक लगा देते थे. आज पूरा उत्तर प्रदेश दंगामुक्त है और धूमधाम से यात्राएं निकल रही हैं. अब किसी भी बेटी और व्यापारी की सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगा सकता है.
कांग्रेस के पाप और सामाजिक ताने-बाने पर वार
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का विभाजन कांग्रेस के पाप के कारण हुआ, जिसका खामियाजा भुगतने वाले पाकिस्तान-बांग्लादेश के प्रवासियों को हमारी सरकार ने 50 साल बाद अधिकार दिया. उन्होंने सपा-कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि पहले केंद्र के भेजे 85 पैसे में से केवल 15 पैसे पहुंचते थे और ये लोग बच्चों की छात्रवृत्ति व पेंशन खा जाते थे. उन्होंने बाबा अंबेडकर का नाम लेकर योगेंद्र मंडल जैसा काम करने वालों से भी जनता को सचेत किया.