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UP Weather Update: यूपी के 50 जिलों के लिए IMD का बड़ा अलर्ट, जानें कहां-कहां बदल जाएगा मौसम, आंधी और बारिश की चेतावनी  

उत्तर प्रदेश के आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर और आसपास के 50 से ज्यादा जिलों में मौसम में तेजी से बदलाव हो सकता है. IMD के अनुसार अगले 48–72 घंटों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने का खतरा है. पश्चिमी यूपी में असर ज्यादा रहेगा, जबकि लखनऊ-कानपुर और पूर्वी जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है.

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मौसम विभाग ने यूपी के 50 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है (File photo PTI)
मौसम विभाग ने यूपी के 50 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है (File photo PTI)

उत्तर प्रदेश में मंगलवार सुबह से मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है. अधिकांश जिलों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने का खतरा तेजी से बढ़ गया है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के जिला-वार चेतावनी मॉडल के अनुसार अगले 48 से 72 घंटों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम बदल जाएगा बना रहेगा. पश्चिमी उत्तर प्रदेश से शुरू हुआ यह बदलाव अब धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में फैल रहा है, जिससे कई जिलों में तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश देखने को मिल सकती है. नोएड़ा, गाजियाबाद सहित आसपास के कुछ जिलों में तो सुबह बूंदाबांदी भी हुई. 

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम दिशा से सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ इस बदलाव की मुख्य वजह है. इसके असर से वातावरण में नमी बढ़ी है और गर्म हवा के साथ टकराव के कारण आंधी-तूफान की स्थिति बन रही है. दिन में तेज धूप और गर्मी के बाद शाम होते-होते अचानक तेज हवाएं और बादल छाने की स्थिति इसी सिस्टम का संकेत है. यही वजह है कि कई जिलों में मौसम तेजी से बदलता नजर आ रहा है.

पश्चिमी यूपी में सबसे ज्यादा असर

IMD के जिला-वार संकेत बताते हैं कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश इस समय सबसे ज्यादा संवेदनशील जोन में है. आगरा, अलीगढ़, मथुरा, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़ और सहारनपुर जैसे जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. यहां हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जो आम जनजीवन के साथ-साथ फसलों के लिए भी चुनौती बन सकती है. कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है, जिससे नुकसान का खतरा और बढ़ जाता है.

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लखनऊ-कानपुर बेल्ट में बदलता ट्रेंड, शाम के बाद सक्रिय होगा मौसम

मध्य उत्तर प्रदेश में मौसम फिलहाल ट्रांजिशन के दौर में है. लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, सीतापुर और आसपास के जिलों में दिन के समय गर्मी और उमस बनी रह सकती है, लेकिन शाम के बाद बादलों की आवाजाही और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. हवा की रफ्तार भी 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक जा सकती है, जिससे अचानक मौसम बिगड़ने की स्थिति बन सकती है.

पूर्वी यूपी में बिजली गिरने का ज्यादा खतरा, हल्की बारिश के संकेत

पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम की तीव्रता थोड़ी कम जरूर है, लेकिन यहां खतरा पूरी तरह टला नहीं है. वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़, मऊ और आसपास के जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं. मौसम विभाग का संकेत है कि इन इलाकों में बादल और बिजली का असर ज्यादा देखने को मिलेगा, जिससे सावधानी बेहद जरूरी हो जाती है.

तापमान में गिरावट से राहत, लेकिन उमस बढ़ने की संभावना

मौसम में इस बदलाव का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है. प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है. हालांकि, नमी बढ़ने के कारण उमस का असर बढ़ सकता है, जिससे मौसम सुहावना होने के साथ-साथ चिपचिपाहट भी महसूस हो सकती है. यह मौसम बदलाव ऐसे समय पर आया है जब खेतों में गेहूं की कटाई का काम तेजी से चल रहा है. तेज हवाओं और बारिश की वजह से फसल गिरने और खराब होने का खतरा बढ़ गया है. अगर ओलावृष्टि होती है तो नुकसान और ज्यादा हो सकता है. ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि कटाई की गई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और मौसम के अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखें.

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बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, सतर्क रहने की जरूरत

मौसम विभाग ने विशेष तौर पर चेतावनी दी है कि गरज-चमक के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जो जानलेवा साबित हो सकती हैं. ऐसे में लोगों को खुले स्थानों से दूर रहने, पेड़ों के नीचे खड़े न होने और खराब मौसम के दौरान घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है. खेतों में काम कर रहे लोगों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है.

अगले 72 घंटे अहम, पूरे यूपी में दिखेगा असर

IMD के ट्रेंड के अनुसार आने वाले तीन दिन उत्तर प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. शुरुआती दौर में पश्चिमी यूपी में तेज गतिविधि देखने को मिलेगी, जबकि इसके बाद यह असर मध्य और पूर्वी जिलों तक पहुंचेगा. धीरे-धीरे यह सिस्टम कमजोर पड़ेगा, लेकिन तब तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में इसका प्रभाव देखा जा सकता है.

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