यूपी राज्यसभा चुनाव में नामांकन दाखिल करने का आज आखिरी दिन था. आज निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ओंकारनाथ चौरसिया ने पर्चा भरा. इसके साथ ही बीजेपी के 8 और एक निर्दलीय समेत 9 लोगों ने आज नामांकन दाखिल किया.
अब तक कुल 12 राज्यसभा प्रत्याशियों ने पर्चा भरा है. 12वें प्रत्याशी के रूप में इंडिपेंडेंट कांते सायन्ना ने नामांकन दाखिल किया. अब तक बीजेपी के 8, समाजवादी पार्टी के 2 और 2 निर्दलीय प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है.
बीजेपी के राज्यसभा प्रत्याशी धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार ने मंगलवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. इन सभी प्रत्याशियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के नेतृत्व में नामांकन दाखिल किया. इस दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री, पार्टी पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
सपा के दो उम्मीदवार मैदान में
समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवार हैं. इनमें पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव और रिलायंस समूह के वरिष्ठ अधिकारी धनराज परिमल नथवानी शामिल हैं. प्रो. रामगोपाल यादव छठी बार उच्च सदन जाने की तैयारी में हैं. दोनों उम्मीदवारों ने 30 सितंबर को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया था.
क्या है जीत-हार की स्थिति
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हो रहे हैं. मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है. विधानसभा की वर्तमान प्रभावी संख्या 397 विधायक है. इसके आधार पर प्रत्येक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत होगी. भाजपा के पास करीब 255 विधायक हैं. सहयोगी दलों को मिलाकर एनडीए की संख्या 285 से 290 के पार है. इस संख्या के आधार पर एनडीए सात सीटें आसानी से जीत सकता है. वहीं, आठवीं सीट जीतने के लिए उसे करीब 6 अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी. सपा के पास 100 से 101 विधायक हैं. चायल से विधायक पूजा पाल आधिकारिक रिकॉर्ड में सपा के खाते में हैं, हालांकि वे भाजपा के संपर्क में रही हैं. इसके अलावा सपा को कांग्रेस के 2 विधायकों का समर्थन हासिल है. इस संख्या के आधार पर सपा दो सीटें आसानी से जीत सकती है.