झांसी में पंचायत चुनाव की राजनीति ने अभी से गरमाहट पकड़ ली है. ग्राम प्रधान के चुनाव भले ही फिलहाल दूर हों, लेकिन दावेदारों की तैयारी और शक्ति प्रदर्शन यह संकेत देने लगा है कि मैदान सजने लगा है. इसी कड़ी में झांसी से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त हलचल मचा दी.
दरअसल, झांसी जिले में ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने की चाह रखने वाले एक संभावित उम्मीदवार ने अपने प्रभाव और रसूख का प्रदर्शन करने के लिए ऐसा जुलूस निकाला, जिसकी चर्चा हर गली–मोहल्ले से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म तक हो रही है. ऑडी कार समेत करीब 55 लग्जरी गाड़ियों के लंबे काफिले के साथ निकाले गए इस जुलूस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है. लोग इसे भौकाल बता रहे हैं, तो कुछ इसे आगामी पंचायत चुनावों की बानगी मान रहे हैं.
चुनाव दूर, लेकिन तैयारी जोरों पर
ग्राम पंचायत चुनावों में अभी समय है, लेकिन संभावित प्रत्याशियों ने माहौल बनाना शुरू कर दिया है. गांव की राजनीति में शक्ति प्रदर्शन, समर्थकों की संख्या और आर्थिक हैसियत का प्रदर्शन कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार का मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि जुलूस में शामिल गाड़ियों की संख्या और उनका स्तर असाधारण था. आमतौर पर गांव स्तर के चुनावों में मोटरसाइकिलों या कुछ कारों का काफिला देखने को मिलता है, लेकिन यहां ऑडी जैसी लग्जरी कार के साथ थार, स्कॉर्पियो और अन्य महंगी गाड़ियों की कतार ने सबको चौंका दिया.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
इस पूरे घटनाक्रम के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. अलग–अलग क्लिप्स की अवधि 1 मिनट 42 सेकेंड, 26 सेकेंड और 36 सेकेंड बताई जा रही है. इन वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि सड़क पर गाड़ियों का लंबा काफिला चल रहा है. बैकग्राउंड में तेज आवाज में गाने बज रहे हैं, जिससे माहौल पूरी तरह जश्न और शक्ति प्रदर्शन का नजर आता है. वीडियो में ऑडी कार सबसे आगे या बीच में नजर आती है, जबकि उसके पीछे-आगे थार, स्कॉर्पियो और अन्य महंगी एसयूवी शामिल हैं. कई गाड़ियों के शीशों से लोग बाहर झुके हुए दिखाई दे रहे हैं. कुछ युवक गाड़ियों के दरवाजों पर लटकते हुए और कुछ छत पर चढ़कर सफर करते नजर आते हैं. यह नजारा सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी सवाल खड़े करता है.
भाजपा और सपा के झंडों ने बढ़ाई चर्चा
इस जुलूस को लेकर चर्चा इसलिए भी तेज हो गई, क्योंकि काफिले में शामिल कई गाड़ियों पर भाजपा और समाजवादी पार्टी (सपा) के झंडे लगे हुए दिखाई दिए. आमतौर पर ग्राम प्रधान का चुनाव गैर–दलीय माना जाता है, लेकिन हकीकत यह है कि गांव की राजनीति में भी बड़े दलों की छाया साफ दिखाई देती है. दोनों प्रमुख दलों के झंडे एक ही काफिले में देखे जाने से लोगों के बीच तरह–तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. कुछ लोगों का कहना है कि यह जानबूझकर किया गया शक्ति प्रदर्शन था, ताकि हर वर्ग और हर राजनीतिक झुकाव वाले लोगों को संदेश दिया जा सके. वहीं, कुछ इसे सिर्फ दिखावे और माहौल बनाने की कोशिश मान रहे हैं.
बबीना थाना क्षेत्र का बताया जा रहा वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन वीडियो को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि यह झांसी के बबीना थाना क्षेत्र का है. वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के साथ–साथ प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल मच गई. सड़क पर इस तरह से नियमों की अनदेखी और बड़े काफिले के निकलने को लेकर सवाल उठने लगे. मामले को लेकर जब बबीना थाना प्रभारी जेपी पाल से फोन पर बात की गई, तो उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो की जांच की गई है. जांच में सामने आया कि यह काफिला रक्सा थाना क्षेत्र के ग्राम अमरपुर निवासी शिशुपाल यादव का था. थाना प्रभारी के अनुसार, शिशुपाल यादव के घर बेटे का जन्म हुआ था. इसी खुशी में उन्होंने जश्न मनाने के लिए यह जुलूस निकाला था. जुलूस में शामिल सभी गाड़ियां उनके परिचितों और रिश्तेदारों की बताई जा रही हैं. पुलिस का कहना है कि यह आयोजन किसी चुनाव प्रचार या राजनीतिक कार्यक्रम के उद्देश्य से नहीं किया गया था, बल्कि पारिवारिक खुशी का जश्न था.