कोई प्रोडक्ट कितना भी अच्छा हो, अगर वह सही खरीदारों तक नहीं पहुंच पाता है तो कारीगर को उसका पूरा फायदा नहीं मिलता. उत्तर प्रदेश सरकार की ODOP मार्केटिंग डेवलपमेंट असिस्टेंस (MDA) स्कीम इसी समस्या को हल करने के लिए बनाई गई है. यह कारीगरों, उद्यमियों और MSMEs को मेलों, प्रदर्शनियों और बायर-सेलर मीट में हिस्सा लेने के लिए वित्तीय सहायता देती है, ताकि उनके उत्पादों को नई पहचान और नए बाजार मिल सकें.
घरेलू मेलों-प्रदर्शनियों के लिए सहायता
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मार्केटिंग सहायता
इसके अलावा, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल्स और अथॉरिटीज द्वारा क्राफ्ट फेस्टिवल, सेमिनार, वर्कशॉप, सिम्पोजियम, बायर-सेलर मीट और मार्केट स्टडी जैसी गतिविधियों के आयोजन पर होने वाले वास्तविक खर्च का 75% (अधिकतम 1 करोड़ रुपये) भी इस स्कीम के तहत कवर होता है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग को बढ़ावा मिल सके.
कौन ले सकता है फायदा?
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
असल मायने में क्यों जरूरी है यह स्कीम
बरेली की जरी-जरदोजी कारीगर दलजीत कौर जैसे कई उद्यमियों की कहानियां बताती हैं कि सिर्फ अच्छा उत्पाद बनाना काफी नहीं होता, उसे सही मंच तक पहुंचाना भी उतना ही जरूरी है. MDA स्कीम कारीगरों को ठीक यही मौका देती है, जिससे स्थानीय उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने अपनी पहचान बना सकें.
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