Uttar Pradesh News: शाहजहांपुर पुलिस ने राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में ट्रेनी नर्सों पर हुए हमले के मामले में देर रात एक पिता, उसके बेटे और करीब 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. यह घटना शुक्रवार को उस समय हुई जब लता सिंह नाम की महिला के परिजनों को लगा कि एक ट्रेनी नर्स मरीज का वीडियो बना रही है. इसी शक में परिजनों ने नर्स के बाल खींचे और उसके साथ मारपीट की. इसके बाद उन्होंने अन्य लोगों को बुलाकर डायलिसिस यूनिट में तोड़फोड़ की और नर्सों पर हमला कर दिया.
अपहरण का प्रयास और छेड़छाड़ का आरोप
पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने बताया कि आरोपियों ने बाद में कई अन्य लोगों को बुला लिया, जिन्होंने डायलिसिस यूनिट में प्रवेश कर परिसर में तोड़फोड़ की और नर्सों के साथ मारपीट की.
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि हमलावरों ने एक नर्स को जबरन कार में बैठाकर ले जाने की कोशिश की और उसके साथ अभद्रता भी की. पुलिस ने BNS की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज की मदद से अन्य अज्ञात आरोपियों की पहचान की जा रही है.
धमकियों का आरोप और विधायक का कनेक्शन
घटना के बाद रविवार शाम ट्रेनी नर्सों ने शाहजहांपुर की महापौर अर्चना वर्मा से मुलाकात की. नर्सों ने आरोप लगाया कि उन्हें शिकायत वापस लेने के लिए लगातार धमकियां दी जा रही हैं और दबाव बनाया जा रहा है.
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक ट्रेनी नर्स ने ददरौल विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक से हमलावरों के जुड़े होने का आरोप लगाया है. इस संबंध में जब ददरौल विधायक अरविंद सिंह से संपर्क किया गया, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.