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हमीरपुर: साथ खेले, पढ़े और अब अंतिम यात्रा भी साथ... भीषण गर्मी के बीच तालाब में नहाने गए तीन दोस्त डूबे

हमीरपुर के कलार तालाब में नहाने गए तीन मासूम दोस्तों- प्रबल, आदित्य और भोला की डूबने से मौत हो गई. मिट्टी खनन के गहरे गड्ढों और सुरक्षा की कमी के कारण यह हादसा हुआ. प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.

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गर्मी के चलते तालाब में नहाने गए थे तीन मासूम (Photo- Screengrab)
गर्मी के चलते तालाब में नहाने गए थे तीन मासूम (Photo- Screengrab)

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से राहत पाने के लिए तालाब में नहाने गए तीन मासूम बच्चों की पानी में डूबकर दर्दनाक मौत हो गई. कक्षा छह में एक साथ पढ़ने वाले प्रबल (11), आदित्य (8) और भोला उर्फ सुमित (10) नहाते समय मिट्टी खनन से बने गहरे गड्ढे में चले गए थे. स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस ने तीनों को निकालकर मौदहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

जीते जी साथ रहे, अंतिम यात्रा भी निकली साथ

गांव के लोग इन तीनों बच्चों को एक-दूसरे की परछाई बताते थे. स्कूल जाना हो, बाजार जाना हो या खेलना-कूदना, तीनों हमेशा साथ रहते थे. सोमवार को भी वे घर से साथ निकले थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनका आखिरी सफर होगा. मौत भी इन पक्के दोस्तों को जुदा नहीं कर सकी. पोस्टमार्टम के बाद देर शाम जब तीनों के शव एक ही वाहन से गांव के लिए रवाना हुए, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं.

दरोगा बनने का सपना टूटा, मां की हिदायत रह गई अधूरी

प्रबल के भाई ने बताया कि वह पढ़ाई में होशियार था और बड़ा होकर दारोगा बनना चाहता था. वहीं, आदित्य अपने मौसी के बेटे भोला के साथ घर से यह कहकर निकला था कि वह मंदिर में खेलने जा रहा है. उसकी मां पूजा ने उसे तालाब में न नहाने की हिदायत दी थी, लेकिन कुछ घंटे बाद उसकी मौत की खबर आ गई. तीसरे दोस्त भोला के माता-पिता बाहर मजदूरी करते हैं. वह अपनी दादी के साथ रहकर सोमवार की बाजार में सब्जी बेचने में मदद करता था.

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खनन के गड्ढों और सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

कलार तालाब ग्राम पंचायत का है, जिसमें मिट्टी खनन की वजह से गहरे गड्ढे बने हुए हैं. हादसे के बाद ग्रामीणों ने तालाब के पास कोई चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा इंतजाम न होने पर कड़े सवाल उठाए हैं. लोगों का कहना है कि अगर समय रहते यहां सुरक्षा व्यवस्था की गई होती, तो शायद इन तीन मासूमों की जान बच सकती थी. इस हादसे के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है.

प्रशासन ने की चार-चार लाख रुपये मुआवजे की घोषणा

अस्पताल में परिजनों की चीख-पुकार सुनकर माहौल बेहद गमगीन हो गया. सीओ ने अस्पताल पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया. हमीरपुर के एएसपी और मौदहा के एसडीएम ने मामले की जानकारी ली. एसडीएम ने बताया कि तीनों मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी, जिसकी प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है. साथ ही प्रशासन तालाब और उसके आसपास की स्थिति की जांच करा रहा है.

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