scorecardresearch
 

Sambhal: प्रेमी संग रंगेहाथ पकड़ी गई तो पति पर उड़ेल दिया बाल्टी भर तेजाब, अब पत्नी को हुई उम्रकैद; जानें मामला

उत्तर प्रदेश के संभल में अवैध संबंधों का विरोध करने पर सोते समय पति पर बाल्टी भरकर तेजाब फेंकने वाली बेरहम पत्नी कहकशां को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. दिल दहला देने वाली इस घटना में पीड़ित पति पूरी तरह अंधा हो चुका है.

Advertisement
X
पति पर एसिड अटैक करने वाली पत्नी कहकशां (Photo- ITG)
पति पर एसिड अटैक करने वाली पत्नी कहकशां (Photo- ITG)

Uttar Pradesh News: संभल जिला न्यायालय की फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर जिला जज गोपाल ने अपने पति मुजफ्फर अली पर सोते समय एसिड अटैक करने वाली दोषी पत्नी कहकशां को उम्रकैद की सजा सुनाई. इसके साथ ही उस पर पौने दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया. 

बिजनौर के नगीना निवासी कहकशां ने संभल के नखासा थाना क्षेत्र के बुलबुले वाली मस्जिद के पास रहने वाले अपने पति मुजफ्फर द्वारा प्रेम प्रसंग का विरोध करने पर वारदात को अंजाम दिया था. पुलिस की कड़ी पैरवी के बाद अदालत ने मात्र 10 बेहद सूक्ष्म सुनवाइयों में यह ऐतिहासिक फैसला सुनाकर पीड़िता को न्याय दिया है.

अवैध संबंध का विरोध करने पर सोते समय दिया खौफनाक अंजाम

मुजफ्फर और कहकशां का प्रेम विवाह हुआ था, लेकिन शादी के कुछ दिन बाद ही पत्नी का पड़ोस के एक युवक से प्रेम प्रसंग शुरू हो गया. 7 मार्च 2025 की सुबह मुजफ्फर ने अपनी पत्नी को आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया था, जिसके बाद काफी विवाद हुआ. इसी रंजिश में जब मुजफ्फर अली घर में सो रहा था, तब उसकी पत्नी कहकशां ने उस पर बाल्टी भरकर तेजाब डाल दिया. इस खौफनाक हमले में मुजफ्फर का चेहरा और पूरा शरीर 60 प्रतिशत तक बुरी तरह झुलस गया.

Advertisement

दिल्ली के सफदरजंग में 6 महीने तक लड़ी जिंदगी की जंग

एसिड अटैक के बाद मुजफ्फर को बेहद गंभीर हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहां छह महीने तक वह जिंदगी और मौत के बीच जूझता रहा. इलाज के बाद उसकी जान तो बच गई, लेकिन तेजाब के कारण उसके दोनों आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई और वह पूरी तरह अंधा हो गया. पीड़ित आज भी गंभीर इंफेक्शन की चपेट में है और अपना सामान्य जीवन जीने के लिए पूरी तरह लाचार हो चुका है.

कोर्ट का फैसला सुनते ही रो पड़ी दोषी, आंखों में कपड़ा बांधकर पहुंचा था पीड़ित

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र यादव ने बताया कि इस गंभीर मामले की हाईकोर्ट लगातार निगरानी कर रहा था. बीती 27 मई को कोर्ट ने कहकशां को दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था. सोमवार को जब कोर्ट ने उम्रकैद का फैसला सुनाया, तो दोषी कहकशां फूट-फूटकर रो पड़ी. वहीं दूसरी ओर, पीड़ित मुजफ्फर अली आज भी अपनी मां का सहारा लेकर और इंफेक्शन के डर से चेहरे पर कपड़ा ढककर अदालत में इंसाफ सुनने पहुंचा था.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement