इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती, नैनीताल में पहली मुलाकात, फिर बढ़ती नजदीकियां और उसके बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल. संभल में करीब एक लाख फॉलोअर्स वाली एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लड़की और उसके दो दोस्तों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि पहले उसे प्रेमजाल में फंसाया गया, फिर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के नाम पर लगातार ब्लैकमेल कर लाखों रुपये वसूले गए.
नैनीताल में हुई पहली मुलाकात
एफआईआर के मुताबिक, संभल के चौधरी सराय निवासी शाहरुख की तीन साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए दीपा सराय निवासी अरीशा से बातचीत शुरू हुई. कुछ समय बाद दोनों की मुलाकात नैनीताल में हुई, जहां दोनों अपने-अपने दोस्तों के साथ पहुंचे थे. बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं. शाहरुख का आरोप है कि इसी दौरान उसके कुछ निजी और आपत्तिजनक फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए गए, जो बाद में ब्लैकमेलिंग का आधार बन गए.
फोटो वायरल कर देंगे... फिर शुरू हुई पैसों की मांग
शिकायत के अनुसार, कुछ समय बाद अरीशा ने अपने दो साथियों अनस और शुऐब के साथ मिलकर फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देनी शुरू कर दी. आरोप है कि बदनामी और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर उससे पहले 55 हजार रुपये लिए गए. पीड़ित का दावा है कि यह रकम ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए दी गई, जिसके स्क्रीनशॉट भी पुलिस को सौंपे गए हैं.
2023 में स्टाम्प पेपर पर हुआ समझौता
शाहरुख का कहना है कि लगातार विवाद के बाद 1 जुलाई 2023 को दोनों पक्षों के बीच स्टाम्प पेपर पर समझौता हुआ था. आरोप है कि उस समझौते में युवती ने पहले लगाए गए आरोपों को गलत बताया था. इसके बाद मामला कुछ समय के लिए शांत हो गया. शाहरुख का आरोप है कि कुछ महीनों बाद फिर से अलग-अलग सोशल मीडिया आईडी और फोन नंबरों से संपर्क किया जाने लगा. इस बार दो लाख रुपये की मांग की गई. पैसे नहीं देने पर फोटो और वीडियो वायरल करने तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई. इसी के बाद शाहरुख ने सदर कोतवाली पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत पुलिस को दी.
FIR में तीन नाम, पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अरीशा, अनस और शुऐब उर्फ शुऐब बेकरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. फिलहाल पुलिस आरोपों की जांच कर रही है और संबंधित लोगों की तलाश में जुटी है. शाहरुख का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में वह अलग-अलग मौकों पर करीब चार लाख रुपये तक दे चुका है. उसके अनुसार, नई-नई सोशल मीडिया आईडी बनाकर लगातार फोटो पोस्ट किए जाते थे और उन्हें हटाने के बदले पैसे मांगे जाते थे. पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी उसे फोन पर धमकियां मिल रही हैं और सोशल मीडिया पर उसके खिलाफ पोस्ट व स्टोरी लगाई जा रही हैं.
'गिरोह की तरह काम करने' का आरोप
शिकायतकर्ता का दावा है कि यह सिर्फ उसके साथ हुई घटना नहीं है. उसके अनुसार, युवती और उसके साथी कथित तौर पर एक संगठित तरीके से लोगों को निशाना बनाते हैं. हालांकि इस दावे की अभी पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है. सदर कोतवाली प्रभारी सुधीर पंवार ने बताया कि एक युवक ने थाने में शिकायत देकर आरोप लगाया है कि एक युवती और कुछ लोग उसे ब्लैकमेल कर पैसों की मांग कर रहे हैं. शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. मामले में लगाए गए सभी आरोपों की जांच की जा रही है. जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस सोशल मीडिया रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और दोनों पक्षों के दावों की जांच कर रही है.