राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद शासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है. मंदिर की सुरक्षा में तैनात उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (UPSSF) के 1,155 अस्थायी पदों को स्थायी कर दिया गया है.
बता दें, राम मंदिर की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ, यूपीएसएसएफ, उत्तर प्रदेश पुलिस, पीएसी के साथ-साथ निजी सुरक्षाकर्मियों के पास भी है.
वहीं, स्थायी किए गए पदों में सेनानायक, उप सेनानायक, सहायक सेनानायक, दलनायक, उप निरीक्षक, मुख्य आरक्षी, आरक्षी, आरक्षी चालक, चिकित्साधिकारी, फार्मासिस्ट, रेडियो निरीक्षक, प्रधान परिचालक, सहायक परिचालक और कार्यशाला सहायक सहित अन्य पद शामिल हैं.
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इस बीच, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और मनीष यादव की पुलिस कस्टडी रिमांड की तैयारी की जा रही है. मामले के विवेचक ने दोनों आरोपियों की 7 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए अदालत में आवेदन दाखिल किया है. न्यायाधीश ने रिमांड अर्जी पर सुनवाई के लिए शुक्रवार की तिथि निर्धारित की है.
चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी से जुड़ी एक नई रिपोर्ट ने हलचल मचा दी है. रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि चोरी की वास्तविक रकम करोड़ों रुपये में थी, जबकि एसआईटी और पुलिस के समक्ष केवल लाखों रुपये की बरामदगी दिखाई गई.
रिपोर्ट के मुताबिक ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से संदिग्धों को पकड़ा था. इसके बाद करीब ढाई से तीन करोड़ रुपये बरामद किए गए. सूत्रों का कहना है कि एसआईटी को पूरी रकम की जानकारी नहीं दी गई, बल्कि केवल एक हिस्से की जानकारी दी गई.
वहीं, चढ़ावा चोरी की जांच के बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष और BJP विधायक सतीश महाना ने कहा कि जिन लोगों को लगता है कि उनका दान चोरी हो गया है, संभव है कि उन्होंने उसे सच्ची श्रद्धा से न दिया हो.