उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन को लेकर लगाए गए एक विवादित पोस्टर के बाद सियासी विवाद खड़ा हो गया. इस मामले में पुलिस ने समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अरविंद उपेंद्र शुक्ला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
पुलिस के मुताबिक, शास्त्री चौक पर बिना अनुमति लगाए गए पोस्टर में केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार को निशाना बनाया गया था. इस संबंध में शास्त्री चौक पुलिस चौकी प्रभारी घनश्याम उपाध्याय की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया.
गिरफ्तार किए गए लोगों में सपा नेता अरविंद उपेंद्र शुक्ला के अलावा मजदूर भारत निषाद और पेंटर रामचंद्र मौर्य शामिल हैं. तीनों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया.
अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) निमिष पाटिल ने बताया कि विवादित पोस्टरों की सूचना मिलते ही उन्हें हटवा दिया गया. जांच में बिना अनुमति पोस्टर लगाने वालों की पहचान की गई और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई.
सपा ने लगाए ये आरोप
उधर, सपा ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है. सपा के जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम ने आरोप लगाया कि पोस्टर ने 'डबल इंजन सरकार' की सच्चाई उजागर कर दी, इसलिए प्रशासन ने कार्रवाई की. उन्होंने कहा कि शहर में बिना अनुमति लगे कई अन्य पोस्टरों पर कोई कार्रवाई नहीं होती, लेकिन इस मामले में चुनिंदा लोगों को निशाना बनाया गया है.
सपा सांसद सनातन पांडेय ने क्या कहा?
बृजेश गौतम ने बताया कि बलिया से सपा सांसद सनातन पांडेय सोमवार को गोरखपुर पहुंचकर जेल में बंद नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ उनके परिवारों से भी मुलाकात करेंगे. उन्होंने कहा कि पार्टी गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की रिहाई के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेगी और प्रदेश में भ्रष्टाचार व कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर आंदोलन भी चलाएगी.
गौरतलब है कि अरविंद उपेंद्र शुक्ला भाजपा के दिवंगत वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष उपेंद्र दत्त शुक्ला के बड़े बेटे हैं. करीब पांच साल पहले उन्होंने भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया था.