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70 साल के CA से 6 महीने में उड़ाए 21 करोड़ रुपये, पुलिस भी हैरान... वॉट्सएप पर आई 'महिला एडवाइजर'ने लगाया चूना!

मध्य प्रदेश के ग्वालियर से साइबर अपराध इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. जहां ठगों ने एक रिटायर्ड चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) को अपनी जालसाजी का शिकार बनाकर 6 महीने के भीतर 21 करोड़ रुपये से अधिक की मोटी रकम ऐंठ ली.

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ज्यादा रिटर्न के लालच ने डुबोई जिंदगी की गाढ़ी कमाई.(Photo:Screengrab)
ज्यादा रिटर्न के लालच ने डुबोई जिंदगी की गाढ़ी कमाई.(Photo:Screengrab)

ऑनलाइन निवेश के नाम पर साइबर ठग किस तरह लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं, इसका एक हैरान करने वाला मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सामने आया है. यहां एक 70 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट को पहले मोटे मुनाफे का सपना दिखाया गया, फिर धीरे-धीरे करोड़ों रुपये निवेश कराए गए. जब पैसे वापस लेने की बारी आई तो नई-नई शर्तें रखकर उनसे और रकम मांगी गई. आखिरकार उन्हें एहसास हुआ कि वे सुनियोजित साइबर फ्रॉड का शिकार बन चुके हैं. अब राज्य साइबर सेल पूरे मामले की जांच में जुटी है.

ग्वालियर के इंदरगंज क्षेत्र में रहने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय के वॉट्सएप पर दिसंबर 2025 में एक महिला का संदेश आया. महिला ने अपना नाम दिव्या सिंह बताया और दावा किया कि वह ऑनलाइन डिजिटल एसेट्स में निवेश कर कम समय में कई गुना मुनाफा दिला सकती है.

कुछ दिनों की बातचीत के बाद महिला ने एक निवेश पोर्टल का लिंक भेजा, जहां अशोक विजयवर्गीय ने अपना अकाउंट बनाया. शुरुआत में उनसे छोटी रकम निवेश कराई गई. पोर्टल पर लगातार बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाया जाता रहा और एक बार उन्हें थोड़ी राशि निकालने भी दी गई. इससे उनका भरोसा पूरी तरह जीत लिया गया.

विश्वास बढ़ने के बाद निवेश की रकम लगातार बढ़ती चली गई. दिसंबर 2025 से जून 2026 के बीच उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में आरटीजीएस और अन्य माध्यमों से कुल 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए.

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लेकिन जब उन्होंने अपनी पूरी रकम और मुनाफा निकालना चाहा तो ठगों ने पहले टैक्स, फिर सिक्योरिटी डिपॉजिट और बाद में रिस्क मार्जिन जैसे अलग-अलग बहाने बनाकर करोड़ों रुपये की अतिरिक्त मांग शुरू कर दी. यहां तक कि महिला ने खुद भी आधी रकम जमा कराने का झांसा देकर उनसे और पैसे ऐंठ लिए. इसके बावजूद निकासी नहीं हुई और हर बार नया भुगतान करने की शर्त सामने रख दी गई.

लगातार बढ़ती मांगों से जब अशोक विजयवर्गीय को शक हुआ तो उन्होंने अपने परिचितों से सलाह ली. तब उन्हें पता चला कि वे एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के निशाने पर थे. इसके बाद उन्होंने राज्य साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई.

साइबर सेल के अधिकारियों के मुताबिक, ठगी की रकम देश के कई राज्यों के बैंक खातों में भेजी गई है, जिनमें दक्षिण भारत के खातों की संख्या सबसे ज्यादा है. जांच एजेंसियां अब बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और आरोपियों के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं.

DSP संजीव नयन शर्मा ने बताया कि सीए अशोक विजयवर्गीय ने 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार की ठगी की शिकायत की है. जांच शुरू हो गई है. दिसंबर 2025 में यह प्रक्रिया शुरू हो गई थी. इसमें बेंगलुरु की एक महिला ने व्हाट्सएप पर संपर्क किया और निवेश का लालच देकर ठगी का शिकार बनाया. इनके चार बैंक अकाउंट से ₹76 बैंक अकाउंट में 100 से ज्यादा ट्रांजेक्शन हुए हैं 1930 के माध्यम से तकरीबन पौने दो करोड़ की राशि होल्ड कर ली गई है. बैंक अकाउंट के खाताधारकों की जानकारी लेकर शीघ्र ही पार्टियां रवाना की जाएंगी.

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