प्रयागराज में अतीक अहमद के बेटे अली अहमद से जुड़े गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में अब उसकी पैरवी सरकारी खर्चे पर होगी. अली अहमद ने अदालत के सामने कहा था कि उसके पिता अतीक अहमद और चाचा अशरफ की मौत के बाद कोई अधिवक्ता उसकी ओर से मुकदमा लड़ने के लिए तैयार नहीं है. इसके बाद अदालत ने उसे विधिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू किया.
अली ने सरकारी खर्चे पर वकील उपलब्ध कराने की कि थी मांग
15 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी के दौरान अली अहमद समेत मुकदमे के अन्य आरोपियों के बयान दर्ज किए गए. करीब दो घंटे से अधिक चली कार्यवाही में आरोपियों ने अपने-अपने लिए अदालत से सरकारी खर्चे पर अधिवक्ता उपलब्ध कराने की गुहार लगाई.
मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुराधा पुंडीर ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पत्र भेजकर आरोपियों की विधिक सहायता की मांग पर कार्रवाई करने को कहा. अदालत के निर्देश के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव की ओर से लीगल एड के चीफ डिफेंस काउंसिल विकास गुप्ता को अली अहमद की ओर से मुकदमे की पैरवी के लिए नियुक्त किया गया है.
कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई वकीलों की नियुक्ति
इस मामले में अली अहमद, मोहम्मद अरशद कटरा, कैश अहमद, राकेश उर्फ नाकेश, शारूक उर्फ शाहरुख, सदाकत खान और नियाज अहमद को विधिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की गई है. यानी अब अली अहमद के पास अपनी ओर से निजी वकील न होने की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से सरकारी खर्चे पर नियुक्त अधिवक्ता अदालत में उसकी पैरवी करेंगे.
यह नियुक्ति कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है और इसका मतलब यह नहीं है कि अदालत ने मामले में आरोपों को सही या गलत ठहरा दिया है. अली अहमद फिलहाल जेल में बंद है. हाल में भी उसे अलग-अलग मुकदमों में प्रयागराज की अदालतों में पेश किया गया था. 21 सितंबर को रंगदारी के एक मामले में उसकी प्रयागराज जिला अदालत में पेशी और बयान दर्ज हुआ था.