
ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसे का शिकार हुई बस का रिकॉर्ड बेहद चौंकाने वाला है. बस पर बिना परमिट, ओवरस्पीडिंग और बिना ड्राइविंग लाइसेंस गाड़ी चलाने के कई चालान बकाया थे. जांच में सामने आया कि बस पर 64,400 रुपये के कई चालान बकाया थे. नई दिल्ली से महोबा जा रही इस बस में आग लगने से 9 यात्रियों की मौत हो गई. फिलहाल, पुलिस ने ड्राइवर-कंडक्टर को हिरासत में ले लिया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
आपको बता दें कि बीती रात ग्रेटर नोएडा के थाना जेवर क्षेत्र स्थित यमुना एक्सप्रेस-वे पर नई दिल्ली से महोबा जा रही बस (BR32PA8647) में भीषण आग लग गई. शुरुआती जांच के अनुसार, बस के एसी में स्पार्क या ब्लास्ट होने के कारण इंजन लुब्रिकेंट ऑयल में आग फैल गई, जिससे 9 यात्रियों की जलने और दम घुटने से मौत हो गई. फायर सर्विस और पुलिस टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दर्जनों यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला. पुलिस ने मामले में चालक और परिचालक को हिरासत में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है.

बस में सवार शिकायतकर्ता सुनील कुमार ने बताया कि घटना के वक्त आधे यात्री सो रहे थे. जब गाड़ी से बदबू आने लगी तो यात्रियों ने ड्राइवर से बस रोकने को कहा. लेकिन ड्राइवर गुटखा, पान, बीड़ी और सिगरेट में व्यस्त था और यात्रियों की बात पर हंसता रहा. जब धुआं और आग बहुत ज्यादा फैल गई, तब बस को रोका गया. समय पर गाड़ी साइड में न लगाने के कारण फंसे हुए 9 लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिल सका.
बिना परमिट और ओवरस्पीडिंग: चालान का लंबा चिट्ठा
19 अगस्त को बिना परमिट के लिए 15,000 रुपये का चालान
19 जनवरी को 12,000 रुपये का चालान
14 मई को 10,500 रुपये का चालान
21 जुलाई को 10,000 रुपये का चालान
7 अप्रैल को एक्सप्रेस-वे पर ओवरस्पीडिंग, बिना ड्राइविंग लाइसेंस और बिना यूनिफॉर्म के लिए 6,900 रुपये का चालान
1 मार्च को 5,000 रुपये का चालान
15 जून को 4,000 रुपये का चालान
21 फरवरी और 6 मई को 500-500 रुपये के चालान
सीएम योगी ने किया आर्थिक मदद का ऐलान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए मुआवजे की घोषणा की है. सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. फिलहाल पुलिस मृतकों की पहचान करने में जुटी है.