कोटक महिंद्रा बैंक के आंकड़ों के मुताबिक 25 से 30 साल के होम लोन ग्राहकों की संख्या 1234 से बढ़कर 2290 हो गई है. होम लोन पोर्टफोलियो में जेन ज़ी की हिस्सेदारी भी 6 फीसदी से बढ़कर 9 फीसदी पर पहुंच गई है. हर महीने किराया देने के बाद अपना घर होने का सपना लगभग हर परिवार देखता है. पहले माना जाता था कि घर खरीदने का फैसला लोग 35 या 40 साल की उम्र के बाद लेते हैं. लेकिन अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है.
भारत की यंग जनरेशन यानी जेन ज़ी घर खरीदने के फैसले पहले से कहीं कम उम्र में ले रही है. दरअसल, कोटक महिंद्रा बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, 30 साल की उम्र से पहले घर खरीदने वाले युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है.
बैंक के डेटा के मुताबिक 2024 से 2026 के बीच 25 से 30 साल के होम लोन ग्राहकों की संख्या में 86 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. यानी इन ग्राहकों की संख्या 1234 से बढ़कर 2290 पर पहुंच गई है. इसकी एक बड़ी वजह हाल के बरसों में रियल एस्टेट सेक्टर की तेज रफ्तार को भी माना जा सकता है. निवेश के लिए प्रॉपर्टी एक बेहतरीन विकल्प साबित हुई है, जिसने युवा खरीदारों को अपना घर खरीदने के लिए प्रेरित किया है. किराए के मकान में ना रहने की इच्छा ने भी युवाओं में अपना घर लेने की चाहत को बढ़ाया है.
सोच में भी दिख रहा बदलाव
ये बदलाव केवल संख्या में नहीं, युवाओं की सोच में भी दिखाई दे रहा है. जिस उम्र में पहले लोग घर खरीदने की तैयारी करते थे, अब उसी उम्र में कई युवा होम लोन लेकर अपने घर का सपना पूरा कर रहे हैं. कोटक के डेटा से पता चलता है कि होम लोन पोर्टफोलियो में जेन ज़ी की हिस्सेदारी 6 फीसदी से बढ़कर 9 फीसदी हो गई है. केवल दो साल के भीतर इस हिस्सेदारी में 50 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया है. कोविड के बाद घर को लेकर लोगों की प्राथमिकताएं भी बदली हैं. घर केवल रहने की जगह नहीं, काम, परिवार और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा बड़ा फैसला बन गया है.
क्यों जल्दी ले रहे हैं घर का फैसला?
कम उम्र में बेहतर नौकरी, बढ़ती आमदनी और करियर में जल्दी तरक्की भी इस बदलाव की बड़ी वजह मानी जा रही है. बैंक का कहना है कि यंग कपल्स संयुक्त आमदनी के दम पर घर खरीद रहे हैं. वहीं कई युवा अपने परिवार के घर के सपने को भी पूरा करने में मदद कर रहे हैं.
दिलचस्प बात है कि युवा खरीदार बड़े घर के इंतजार में फैसला टाल नहीं रहे. कई लोग अपनी मौजूदा जरूरत और बजट के हिसाब से पहला घर खरीद रहे हैं और उसे भविष्य की आर्थिक मजबूती की पहली सीढ़ी मान रहे हैं. आंकड़ों के मुताबिक 30 से 45 साल के होम लोन ग्राहकों में 26 फीसदी बढ़ोतरी हुई है. वहीं 25 से 30 साल के ग्राहकों में इजाफा इससे कहीं ज्यादा तेज हुआ है. कुल मिलाकर देखा जाए तो घर खरीदने की उम्र को लेकर जो सोच कभी 35 या 40 साल के आसपास मानी जाती थी, वो अब बदल रही है. कम उम्र में घर खरीदने वाले युवाओं की बढ़ती संख्या संकेत दे रही है कि नई पीढ़ी अपने भविष्य को लेकर पहले से ज्यादा स्पष्ट और आत्मविश्वास से भरे फैसले ले रही है.
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