यूपी में बेटी के जन्म से ग्रेजुएशन तक ₹25,000, जानें कन्या सुमंगला योजना की शर्तें
उत्तर प्रदेश की यह प्रमुख योजना बेटी के जन्म, टीकाकरण और पढ़ाई के हर पड़ाव पर आर्थिक मदद देती है, प्रति बेटी लाभ 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये किया जा चुका है.
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जन्म से ग्रेजुएशन तक बेटी को छह चरणों में 25,000 रुपये (Photo-Pexels)
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना बेटियों के लिए चलने वाली एक कंडीशनल कैश ट्रांसफर योजना है, जिसे महिला एवं बाल विकास विभाग चलाता है. यह 1 अप्रैल 2019 से लागू है, इसका मकसद है बेटी की सेहत और पढ़ाई को हर बड़े पड़ाव पर सहारा देना.
वित्त वर्ष 2024-25 से प्रति बेटी कुल 25,000 रुपये मिलते हैं, जो छह चरणों में दिए जाते हैं.
जन्म पर 5,000 रुपये
पूरा टीकाकरण होने पर 2,000 रुपये
कक्षा 1 में दाखिले पर 3,000 रुपये
कक्षा 6 में दाखिले पर 3,000 रुपये
कक्षा 9 में दाखिले पर 5,000 रुपये
कक्षा 12 के बाद ग्रेजुएशन या डिप्लोमा कोर्स में दाखिले पर 7,000 रुपये
परिवार उत्तर प्रदेश का निवासी हो और राशन कार्ड, आधार, वोटर आईडी, बिजली या टेलीफोन बिल जैसा कोई निवास प्रमाण हो.
परिवार की सालाना आय 3 लाख रुपये से ज्यादा न हो.
एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को लाभ मिलेगा, और परिवार में ज्यादा से ज्यादा दो बच्चे होने चाहिए.
दूसरी डिलीवरी में जुड़वां बच्चे होने पर तीसरी बेटी भी पात्र होगी.
अगर परिवार किसी अनाथ बच्ची को गोद लेता है, तो अपनी और गोद ली गई, दोनों बेटियों को मिलाकर अधिकतम दो ही लाभार्थी होंगी.
आवेदन कैसे करें
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आवेदन mksy.up.gov.in के सिटीजन सर्विसेज सेक्शन से ऑनलाइन किया जाता है, इसी पोर्टल पर बालिका की पात्रता भी जांची जा सकती है.
यह क्यों जरूरी है
टीकाकरण और स्कूल दाखिले जैसे पड़ावों से भुगतान जोड़कर यह योजना परिवारों को बेटी को स्वस्थ रखने और पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित करती है. यह सिर्फ एक बार की रकम देने वाली योजना नहीं है.