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ऐसी कौन सी बेबसी थी मोनिका…  आखिर क्यों इतना डर गई इन डिजिटल अरेस्ट वालों से, शादी की सालगिरह से ठीक पहले सबको छोड़कर चली गई

मोनिका… क्या उस डर का कोई अंत नहीं था? क्या तुम्हें लगा कि अब बचने का कोई रास्ता ही नहीं रहा ? क्या कॉल करने वालों के चेहरे और आवाजों ने तुम्हें इतना जकड़ लिया था कि तुम अपनी ही जिंदगी से हार मान बैठीं? बिजनौर में 28 वर्षीय मोनिका ने साइबर ठगों की ब्लैकमेलिंग और धमकियों से परेशान होकर सालगिरह से पहले अपनी जान दे दी.

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बिजनौर की मोनिका की फोटो के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं (Photo: ITG)
बिजनौर की मोनिका की फोटो के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं (Photo: ITG)

मोनिका… क्या सचमुच कोई रास्ता नहीं बचा था ? क्या डर इतना बड़ा हो गया था कि तुम अपनी ही दुनिया से हार गईं? क्या उन अनजान आवाजों ने तुम्हें इतना तोड़ दिया कि अपने ही घर, अपने ही बच्चों, अपने ही जीवन से दूर जाने का फैसला कर लिया? और तुम जो खुद को 'कानून' का रखवाला बताकर लोगों को डराते हो, जो फोन से डिजिटल अरेस्ट का जाल बुनते हो, अगर तुम ये पढ़ रहे हो, तो जरा ठहरकर देखो तुम्हारी एक करतूत ने क्या उजाड़ दिया है. एक हंसता-खेलता घर अब खामोश है. दो मासूम बेटियां अब मां की गोद के बिना हैं. एक पति जिसकी दुनिया से उसकी अर्धांगिनी चली गई.

ये उस डर की कहानी है, जो मोबाइल पर कोई अनजान इंसान पैदा करता है और यहां किसी की पूरी जिंदगी खत्म हो जाती है. जहां खुशियां आनी थीं, वहां मातम ने डेरा डाल दिया बिजनौर के कोतवाली शहर क्षेत्र के गांव फरीदपुर भोगी में मोनिका का घर इन दिनों सजना था. शादी की 11वीं सालगिरह करीब थी. घर में  तैयारियां शुरू हो चुकी थीं. परिवार को क्या पता था कि जिन तारीख का इंतजार था, वही तारीखें उनकी जिंदगी का सबसे काला अध्याय बन जाएंगी.

29 अप्रैल की रात. घर में सब सो रहे थे. कमरे में मोनिका अपनी दोनों बेटियों नंदनी और जिया के साथ थी. लेकिन उस रात, नींद सिर्फ आंखों में थी मन में नहीं. एक डर… जो अंदर ही अंदर खा रहा था पिछले कुछ दिनों से मोनिका बदल गई थी. फोन आते ही घबरा जाती थी. परिजनों के मुताबिक, उसे लगातार अलग-अलग नंबरों से कॉल आ रहे थे. कभी कोई खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताता. कभी कोई गंभीर आरोपों की बात करता. कभी कहा जाता तुम पर केस है. कभी तुम्हें डिजिटल अरेस्ट किया गया है और इसी के साथ शुरू हुआ डर का वो खेल जिसमें कानून का नाम लेकर गैरकानूनी काम किया जा रहा था. मोनिका को यकीन दिलाया गया कि वह किसी बड़े अपराध में फंस चुकी है. उसे डराया गया कि अगर उसने उनकी बात नहीं मानी, तो उसका नाम, उसकी इज्जत, उसकी जिंदगी सब खत्म कर दी जाएगी. मरने से पहले मोनिका ने अपने भाई और मां को फोन किया. हर बार एक ही बात मुझे बहुत घबराहट हो रही है. 

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सुबह… जिसने सब कुछ छीन लिया

सुबह जब दोनों बेटियां उठीं, तो उनकी आंखों के सामने जो था, उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है. मां उसी कमरे में फंदे से झूल रही थी. उनकी चीखों ने पूरे घर को जगा दिया. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. शुरुआत में परिवार को कुछ समझ नहीं आया. उन्होंने अंतिम संस्कार भी कर दिया. श्मशान में जब चिता जल रही थी तभी मोनिका के फोन पर एक के बाद एक कॉल आने लगे. भतीजे ने जब फोन उठाया, तो स्क्रीन पर एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में दिखा. उसने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और मोनिका से बात कराने की जिद करने लगा. मना करने पर धमकी दी गई. यहीं से परिवार को समझ आया ये सिर्फ आत्महत्या नहीं इसके पीछे कुछ और है. घर लौटकर जब मोबाइल खंगाला गया, तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं. व्हाट्सएप पर पांच अलग-अलग नंबरों से कॉल, मैसेज और ऑडियो रिकॉर्डिंग मिलीं. हर नंबर से एक ही तरह की भाषा डराने वाली, दबाव बनाने वाली.

एक चिट्ठी… जिसमें छुपा था टूटता हुआ दिल

कमरे की तलाशी में एक डायरी मिली. उसमें रखा था एक सुसाइड नोट. शब्द बहुत बड़े नहीं थे लेकिन दर्द बहुत गहरा था. उसने अपने पति से माफी मांगी, बच्चों के लिए चिंता जताई और लिखा 'सॉरी माय डियर हसबैंड. मुझे आपसे कुछ बात करनी है. मुझे आपको बहुत कुछ बताना है. मुझे बहुत दिन से एक लड़के ने बहुत ही परेशान कर रखा है. वो मुझे ब्लैकमेल कर रहा है. प्लीज, हो सके तो मुझे माफ कर देना. मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं. आपने मुझे बहुत प्यार दिया, इसलिए मैं आपसे झूठ नहीं बोल सकती. हो सके तो मुझे माफ कर देना. प्लीज मेरे बच्चों का ध्यान रखना मेरे बाद.' 'अगर दोबारा जन्म मिले तो मुझे आप ही मिलें. थैंक यू सो मच जिंदगी में आने के लिए. लव यू सो मच. हमारी शादी की सालगिरह आ रही है. सॉरी आपके साथ न रहने के लिए. और ये पेपर मेरे घर वालों को दिखा देना. मेरी मम्मी-पापा भाइयों को. सॉरी भाई-भाभी थैंक यू मुझे इतना प्यार देने के लिए. मेरे बच्चों सॉरी- उस लड़के ने आपकी मम्मा को बहुत परेशान कर रखा है. ज्यादा परेशान कर रखा है.'

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