चीन दौरे पर गए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर मुद्दे का जिक्र किया, जिसके बाद भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. दोनों नेताओं ने कश्मीर को लंबित ऐतिहासिक मुद्दा बताया, जबकि भारत ने इसे पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं. विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि भारत अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से जुड़े मामलों पर किसी बाहरी टिप्पणी को स्वीकार नहीं करता. इस घटनाक्रम के बाद एक बार फिर क्षेत्रीय कूटनीति और भारत-चीन-पाकिस्तान संबंधों को लेकर चर्चा तेज हो गई है.