scorecardresearch
 

नशे से दूर रहें, भविष्य संवारें... दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं को दिया संदेश

मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के 38वें दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालयों में बढ़ते नशे के खतरे पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि हॉस्टलों के निरीक्षण में शराब की खाली बोतलें मिलीं और बाहर से आने वाले खाने के जरिए ड्रग्स सप्लाई की जानकारी भी सामने आई है. उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की.

Advertisement
X
199 मेधावियों को मिला स्वर्ण पदक.(Photo: Usman Chaudhary/ITG)
199 मेधावियों को मिला स्वर्ण पदक.(Photo: Usman Chaudhary/ITG)

मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के 38वें दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देते हुए विश्वविद्यालयों में बढ़ते नशे के खतरे पर गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण का सबसे बड़ा आधार है.

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रावासों के निरीक्षण के दौरान शराब की खाली बोतलें मिली हैं. इसके अलावा बाहर से आने वाले खाने के जरिए ड्रग्स की सप्लाई होने की जानकारी भी सामने आई है, जो बेहद चिंताजनक है.

यह भी पढ़ें: मेरठ जेल में मिली दो 'कातिल' पत्नियां: सांप से पति को डसवाने वाली दामिनी और 'नीले ड्रम' वाली मुस्कान, जानिए क्या हुआ?

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि उनका चरित्र ही उनके भविष्य का निर्माण करता है. जीवन में सफलता केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि अच्छे संस्कारों, सकारात्मक सोच और अनुशासित जीवन से मिलती है. इसलिए नशे जैसी बुराइयों से हमेशा दूर रहना चाहिए.

'नशा किसी समस्या का समाधान नहीं'

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि नशा किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता. इसके विपरीत यह युवाओं के सपनों, प्रतिभा, स्वास्थ्य और उनके परिवार की उम्मीदों को धीरे-धीरे खत्म कर देता है.

Advertisement

मेरठ

उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा शिक्षा, शोध, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में लगाएं. युवाओं को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और ऐसे किसी भी प्रलोभन से बचना चाहिए जो उनके भविष्य को नुकसान पहुंचा सकता है.

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि छात्रों को अच्छे नागरिक के रूप में तैयार करना भी है. ऐसे में नशामुक्त परिसर और स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण सभी की साझा जिम्मेदारी है.

199 मेधावियों को मिला स्वर्ण पदक

दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के 199 मेधावी छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान कर सम्मानित किया. उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं.

मेरठ

इस अवसर पर विश्वविद्यालय में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया. साथ ही शिक्षा, शोध और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कई लोगों को सम्मानित किया गया.

समारोह में मौजूद विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों ने राज्यपाल के संबोधन को गंभीरता से सुना. नशे के खिलाफ उनका संदेश और चरित्र निर्माण पर दिया गया जोर कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा.

---- समाप्त ----
Live TV

TOPICS:
Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement