क्या सांप के डसने से हुई हर मौत सिर्फ हादसा होती है? मेरठ के चर्चित मामलों के बाद अब इस सवाल का जवाब पुलिस भी गंभीरता से तलाशने जा रही है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार सामने आए कुछ चर्चित मामलों के बाद बागपत पुलिस ने साफ कर दिया है कि यदि किसी पति या पत्नी की मौत सांप के डसने से होती है और परिस्थितियां संदिग्ध लगती हैं, तो मामले की विस्तृत पुलिस जांच कराई जाएगी.
आजतक से बातचीत में बागपत के पुलिस अधीक्षक सूरज राय ने कहा कि पुलिस हर मामले को उसके तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर देखेगी. यदि जांच के दौरान किसी तरह का विरोधाभास, संदेह या साजिश की आशंका सामने आती है तो संबंधित थाना पुलिस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच करेगी.
मेरठ के मामलों के बाद बदला पुलिस का नजरिया
हाल के दिनों में मेरठ के हस्तिनापुर के चर्चित अतुल हत्याकांड और बहसूमा के अमित कश्यप प्रकरण ने सांप के डसने से होने वाली मौतों को लेकर कई सवाल खड़े किए. इन घटनाओं के बाद पुलिस अब ऐसी मौतों को केवल प्राकृतिक हादसा मानकर फाइल बंद करने के बजाय हर पहलू पर नजर रख रही है. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यदि किसी संदिग्ध मौत के पीछे आपराधिक साजिश हो तो उसका समय रहते खुलासा होना जरूरी है. एसपी सूरज राय ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था केवल Snake Bite Death तक सीमित नहीं है. उन्होंने कहा कि पुलिस किसी भी संदिग्ध मौत में नियमानुसार जांच करती है. यदि प्रथम दृष्टया कोई तथ्य संदिग्ध प्रतीत होता है तो वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की गहन पड़ताल की जाती है. उन्होंने कहा कि उद्देश्य केवल एक है यदि किसी अपराध को हादसे का रूप देकर छिपाने की कोशिश की गई हो, तो उसे बेनकाब किया जा सके.
क्यों अहम है यह फैसला
पुलिस का मानना है कि सांप के डसने से मौत के अधिकांश मामले वास्तविक होते हैं, लेकिन यदि किसी मामले में परिस्थितियां सामान्य नहीं हैं, गवाहों के बयान मेल नहीं खाते या घटनास्थल पर विरोधाभासी तथ्य मिलते हैं, तो जांच को आगे बढ़ाया जाएगा. मेरठ में सामने आए चर्चित मामलों के बाद पुलिस अब ऐसे मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है ताकि किसी भी संभावित आपराधिक साजिश को सामान्य दुर्घटना बताकर दबाया न जा सके. बागपत पुलिस का यह रुख संकेत देता है कि अब सांप के डसने से हुई मौत के मामलों में भी, यदि परिस्थितियां सवाल खड़े करती हैं, तो पुलिस केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर पूरे घटनाक्रम की गहन जांच करेगी.
क्या है मेरठ का अतुल हत्याकांड
पुलिस के अनुसार ग्राम भंडोरा निवासी 35 वर्षीय अतुल पंवार अपनी पत्नी दामिनी के साथ हस्तिनापुर के रामलीला मैदान स्थित कृष्णा किड्स पब्लिक स्कूल का संचालन करता था. दोनों ने वर्ष 2019 में प्रेम विवाह किया था. शुक्रवार सुबह दामिनी ने पति को सांप के काटने की सूचना देकर सीएचसी हस्तिनापुर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटनास्थल पर अतुल के बिस्तर में सांप भी मिला. संदिग्ध परिस्थितियां होने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू की.
जांच के दौरान पुलिस ने दामिनी के मोबाइल की कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की. जिसमें स्कूल के ड्राइवर तुषार उर्फ निक्की से उसके लगातार संपर्क सामने आए. पूछताछ में तुषार ने बताया कि उसका दामिनी से प्रेम संबंध था. दोनों ने अतुल की हत्या की साजिश रची थी. योजना के तहत गुरुवार रात अतुल को दूध में नींद की गोलियों की अधिक मात्रा दी गई, जिससे वह गहरी नींद में चला गया. इसके बाद सोनू और उदय की मदद से जहरीले सांप को कमरे में लाकर उसके कंबल में छोड़ दिया गया, जिससे सांप ने अतुल को डस लिया और उसकी मौत हो गई.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अतुल के नाम करीब 20 लाख रुपये का बीमा था. आरोपियों ने बीमा की रकम मिलने के बाद सहयोग करने वाले सोनू और उदय को पांच लाख रुपये देने का वादा किया था. इसके अलावा करीब 20 दिन पहले भी तुषार ने अतुल को अर्टिगा कार से टक्कर मारकर मारने का प्रयास किया था, लेकिन हेलमेट पहने होने के कारण वह बच गया था.