एक घर… दो फ्लोर. ऊपर किराएदार, नीचे मकानमालकिन. सब कुछ सामान्य आम घरों जैसा ही लेकिन यहां अंदर ही अंदर एक ऐसी कहानी पनप रही थी जिसमें 36 साल की महिला अपने से 15 साल से छोटे, 21 वर्षीय किराएदार के करीब आ गई. धीरे-धीरे यह रिश्ता भरोसे की सीमाएं लांघकर साजिश में बदल गया. लखनऊ की इस वारदात में प्यार, धोखा और कत्ल एक ही धागे में ऐसे पिरोए गए कि सच सामने आते ही हर कोई सन्न रह गया.
लखनऊ के निशातगंज गली नंबर-3 में का एक साधारण घर. जहां नीचे परिवार रहता था और ऊपर किराए पर एक युवक. 36 वर्षीय रंजना वर्मा घर की बहू, मां और जिम्मेदारियों में उलझी एक महिला. और ऊपर रहने वाला 21 साल का राजन शर्मा किराएदार. शुरुआत में यह रिश्ता सामान्य था, लेकिन वक्त के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती गईं. उम्र का 15 साल का अंतर, सामाजिक मर्यादाएं सब कुछ धीरे-धीरे पीछे छूटता गया. और फिर यह रिश्ता एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया, जहां छुपाना ही उसकी सबसे बड़ी जरूरत बन गया.
चार साल का रिश्ता और घर के भीतर बढ़ता तनाव
रंजना और राजन के बीच करीब चार साल से संबंध थे. यह रिश्ता भले ही छुपा हुआ था, लेकिन घर की दीवारों से ज्यादा देर तक कोई राज छुप नहीं पाया. बेटी अंशिका ने भी पुलिस को बताया कि मां की राजन से बहुत बनती थी. इसी बात को लेकर घर में आए दिन झगड़े होते थे. दादी निर्मला देवी इस रिश्ते का खुलकर विरोध करती थीं. रंजना की सास उसे समझाती थीं, रोकती थीं, टोकती थीं लेकिन रंजना को यह बंदिश मंजूर नहीं थी. धीरे-धीरे सास का विरोध उसे अपनी आजादी के रास्ते में खड़ा एक पहाड़ नजर आने लगा. रिश्तों का तनाव अब साफ दिखने लगा था. घर के भीतर बहस, तकरार और असहजता बढ़ती जा रही थी. ऐसे में वह रिश्ता, जो छुपकर पल रहा था, अब खुलकर जीने की चाहत करने लगा. यहीं से शुरू हुई वह खामोश साजिश, जिसका अंजाम बेहद खौफनाक होने वाला था.
वो दोपहर, जब सब कुछ बदल गया
रंजना का पति त्रिदेश वर्मा नौकरी पर निकल चुके थे. बेटा आदित्य घर से बाहर था. बड़ी बेटी अंशिका रिश्तेदारी में गई हुई थी. घर में मौजूद थीं रंजना, उसकी डेढ़ साल की बच्ची और सास निर्मला देवी. यही वह समय था, जब साजिश को अंजाम देने का फैसला किया गया. दोपहर करीब 2 बजे घर के अंदर लगा CCTV कैमरा अचानक बंद कर दिया गया. यह कोई संयोग नहीं, बल्कि पूरी योजना का हिस्सा था. कैमरा बंद होते ही सास को काबू में किया गया. उनके हाथ-पैर बांधे गए और फिर गला दबाकर उनकी हत्या कर दी गई.
कत्ल के बाद मासूमियत का नाटक
हत्या के बाद रंजना और उसका प्रेमी राजन घर से बाहर निकल गए. बाहर लगे कैमरों में दोनों साथ दिखाई दिए. कुछ दूरी पर जाकर उन्होंने कैमरा दोबारा ऑन किया ताकि शक उन पर न जाए. लेकिन अपराध की कहानी में छोटी-सी चूक भी बड़ी साबित होती है. जब बेटा घर लौटा और उसने दादी को उस हालत में देखा, तो घबराकर मां को फोन किया. अब रंजना के पास लौटने के अलावा कोई रास्ता नहीं था. वह वापस आई… और फिर शुरू हुआ रोना-धोना, घबराहट और लूटपाट की कहानी गढ़ने का सिलसिला.
कैमरों ने खोल दी पूरी कहानी
पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो शुरुआती तौर पर मामला लूटपाट का लग सकता था. लेकिन CCTV फुटेज ने कहानी बदल दी. अंदर का कैमरा ठीक उसी समय बंद हुआ, जब हत्या हुई. बाहर का कैमरा—जहां बहू अपने प्रेमी के साथ जाती दिखी. यहीं से पुलिस को यकीन हो गया कि मामला घर के अंदर का है. जांच में डॉग स्क्वॉड को भी लगाया गया. स्निफर डॉग सीधे राजन शर्मा तक पहुंच गया. उसकी घबराहट ने पुलिस के शक को और मजबूत कर दिया. पूछताछ में पहले राजन टूटा. उसने साजिश की पूरी कहानी बता दी. इसके बाद रंजना का झूठ भी ज्यादा देर नहीं टिक सका.
इश्क का अंधापन और खौफनाक फैसला
दोनों ने कबूल किया कि उन्होंने मिलकर सास को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी. वजह उनका रिश्ता, जिसे वे किसी भी कीमत पर बचाना चाहते थे. पुलिस ने मृतका के बेटे की तहरीर पर रंजना वर्मा और उसके प्रेमी राजन शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है.