लखनऊ के अलीगंज में कमर्शियल बिल्डिंग में लगी आग ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. तीन मंजिला इमारत में लगी इस आग में 15 लोगों की मौत हो गई. इस बिल्डिंग में एक एनिमेशन सेंटर था जहां ढेरों स्टूडेंट्स मौजूद थे. वहीं, नीचे की मंजिलों पर एक पेट शॉप और एक क्लिनिक भी था.
इस कॉम्प्लेक्स में बेसमेंट भी बनाया गया था. लेकिन एंट्री और एग्जिट के लिए सिर्फ एक छोटा सा रास्ता था. इस रास्ते के ऊपर 7 पैनल, 2 एग्जॉस्ट फैन और इलेक्ट्रिक कंट्रोल पैनल लगा हुआ था. इससे रास्ता और छोटा हो गया था.
आरोप ये भी है कि इस बिल्डिंग को रहने के लिए मंजूरी दी गई थी, लेकिन इसका गैर-कानूनी तरीके से कमर्शियल कामों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था. जब आग लगी तो लोग बचने के लिए बिल्डिंग की पिछली साइड में चले गए, लेकिन वो वहीं फंस गए.
समर हॉलिडे में एनिमेशन ट्रेनिंग लेने आए थे बच्चे
आग सेकंड फ्लोर पर फैलती चली गई जहां बच्चे समर हॉलिडे में एनिमेशन ट्रेनिंग के लिए आए हुए थे. बिना किसी इमरजेंसी गेट के तैयार हुए इस इमारत में आग लगी तो दूसरी मंजिल पर फंसे 15 लोगों की जान चली गई.
6 नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR
अलीगंज ACP शशि प्रकाश मिश्रा ने PTI को बताया कि आरोपों की जांच चल रही है और सही कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने बताया कि अलीगंज पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और उत्तर प्रदेश फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत छह नामजद लोगों और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की गई है.
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4 आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और चार नामजद आरोपी गिरफ्तार किया जा चुके हैं. अधिकारियों ने बताया कि आरोपी बिल्डिंग के जॉइंट मालिक हैं. गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान अलीगंज के सेक्टर-D निवासी राम कृष्ण उपाध्याय (43), सीतापुर रोड इलाके निवासी वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62) और बालागंज इलाके निवासी तुषार कृष्ण जायसवाल (31) के रूप में हुई है. वहीं, चौथे आरोपी की पहचान केशवनगर (लखनऊ) निवासी सुरेश कुमार साहू के रूप में हुई है.
लखनऊ अग्निकांड की जांच के लिए SIT भी बनाई गए है. इसके अलावा, LDA, बिजली विभाग और फायर के कुल चार अधिकारियों को सस्पेंड भी किया जा चुका है.