कानपुर में HDFC बैंक की पूर्व कर्मचारी आस्था सिंह ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपने साथ हुई ई-रिक्शा में छेड़छाड़ की घटना को साझा किया है. आस्था सिंह वही युवती हैं, जिनका कुछ समय पहले बैंक में विवाद के दौरान 'मैं ठाकुर हूँ' वाला वीडियो बेहद वायरल हुआ था.
आस्था सिंह के अनुसार, वह अपनी बैंक ब्रांच से निकलकर मेट्रो स्टेशन जाने के लिए एक ई-रिक्शा में बैठी थीं. आस्था ने बताया, "मेरे बगल में एक आंटी और सामने एक मुस्लिम व्यक्ति बैठा था. अचानक मुझे महसूस हुआ कि उसका पैर मेरे दोनों पैरों के बीच में था. मात्र 10 सेकंड के भीतर उसका हाथ मेरे कुर्ते के अंदर से जांघ के आगे तक पहुंच गया."
आस्था ने तुरंत हिम्मत दिखाते हुए आरोपी को धक्का दिया और उसके हाथ पर थप्पड़ व मुक्के से वार किया. उनका कहना है कि इलाका विशेष समुदाय की भीड़ का होने के कारण वह ज्यादा कुछ नहीं बोल पाईं, लेकिन उन्होंने आरोपी का 2-3 सेकंड का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया. आरोपी ने अपनी गलती मानने के बजाय उल्टा आस्था पर ही बैठने की तमीज न होने का आरोप मढ़ दिया. देखें VIDEO:-
कानपुर पुलिस का एक्शन
वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही कानपुर पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया. पुलिस ने तुरंत पीड़ित महिला से संपर्क स्थापित कर उनकी लिखित तहरीर पर FIR दर्ज कर ली गई है.
एडिशनल सीपी संकल्प शर्मा ने कहा, "जो कोई भी बेटियों के खिलाफ ऐसे घिनौने काम करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा."
पुलिस आरोपी की पहचान के लिए रूट के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का दावा किया है. देखें VIDEO:-
क्या है आस्था सिंह का पुराना 'ठाकुर' विवाद?
6 जनवरी को आस्था सिंह जब HDFC में अपना कार्यभार मुक्त करने का पत्र (रिलीविंग लेटर) लेने पहुंची थीं, तब वहां बैंककर्मी ऋषि त्रिपाठी के साथ उनका और उनके पति का तीखा विवाद हुआ था.
आस्था का आरोप था कि ऋषि त्रिपाठी ने उन्हें धमकी दी और उनकी जाति पूछी. इसी बहस के दौरान आस्था का 'मैं ठाकुर हूं' वाला वीडियो सुर्खियों में आया था.
आस्था ने बाद में सफाई दी थी कि उन्होंने जाति का जिक्र सिर्फ इसलिए किया क्योंकि उन्हें डराया जा रहा था और जानबूझकर उनकी 'जाति' पूछी गई थी.