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Kanpur: क्रिकेट के मैदान में एक और शख्स की मौत, बॉलिंग करते वक्त आया हार्ट अटैक

कानपुर में क्रिकेट खेल रहे एक और शख्स की मौत हो गई है. इससे पहले 18 साल के एक लड़के की मौत क्रिकेट मैदान पर हो गई थी. यानी अब तक क्रिकेट के मैदान में दो लोगों की मौत हो चुकी है. एक शख्स की मौत बैटिंग करते हुए हुई तो दूसरे की बॉलिंग करते हुए.

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भानु और अनुज (फाइल फोटो)
भानु और अनुज (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश के कानपुर में क्रिकेट खेल रहे एक और शख्स की मौत हो गई है. इससे पहले 18 साल के एक लड़के की मौत क्रिकेट मैदान पर हो गई थी. यानी अब तक क्रिकेट के मैदान में दो लोगों की मौत हो चुकी है. एक शख्स की मौत बैटिंग करते हुए हुई तो दूसरे की बॉलिंग करते हुए. दोनों की मौतों के पीछे की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है.

कानपुर के किदवई नगर के रहने वाले 32 वर्षीय भानु की 5 साल पहले आरती से शादी हुई थी. बैंक में काम करने वाले भानु के दो छोटे बच्चे हैं. पिता संतोष शुक्ला रिटायर हैं. शनिवार को भानु क्रिकेट खेल रहे थे. बॉलिंग करते हुए भानु को हार्ट अटैक आया और उन्हें स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया है. 

भानु के चाचा राजेश शुक्ला का कहना है कि शनिवार की सुबह वह (भानु) अपने दोस्तों के साथ के देव नगर के राजकीय ग्राउंड में मैच खेलने गए थे, बॉलिंग करते समय ही वे गिर गए, इसके बाद उनको हॉस्पिटल ले जाया गया, फिर सीधे कार्डियोलॉजी ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित करते हुए कार्डिक अटैक होने का अंदेशा जताया.

इसी तरह 6 दिसंबर को कानपुर के बिल्हौर में क्रिकेट खेलने गए दसवीं के छात्र अनुज की मैदान में ही मौत हुई थी. उस समय वह पहला रन लेने के बाद पिच पर दूसरा रन ले रहा था, तभी एकदम से गिर गया. परिवार वाले और दोस्त उसे लेकर हॉस्पिटल पहुंचे, जहां उसकी मौत हो गई. डॉक्टरों का कहना था कि अनुज की मौत हार्ट अटैक से हुई थी.

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गौरतलब है कि कानपुर में हार्ट अटैक के कई मामले सामने आ रहे हैं. 1 जनवरी से 9 जनवरी 2023 के बीच कानपुर के एक ही सरकारी अस्पताल में 130 लोगों की मौत हार्ट अटैक से हो चुकी है. दिल के मरीजों के लिए यह मौसम बेहद खतरनाक बना हुआ है. एक्सपर्ट का कहना है कि भारी ठंड के बीच खून के थक्के जमने से ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ जाता है.

केजीएमयू के कार्डियोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. अक्षय प्रधान का कहना है कि इस ठंड के मौसम में हार्ट अटैक सिर्फ बुजुर्गों तक ही सीमित नहीं रहा है. कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें किशोरों को भी दिल का दौरा पड़ा है. उन्होंने कहा कि हर किसी को, चाहे वह किसी भी उम्र का हो, उसे ठंड से बचने की जरूरत है. जहां तक संभव हो, घर के अंदर ही रहें. बाहर निकलने पर पूरी तरह से खुद को ढंक लें.

 

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