अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी की जांच जारी रहने के बीच अब हाल में मथुरा के श्री कृष्ण जन्मस्थान में प्राप्त होने वाले चढ़ावे की भी सीबीआई जांच कराने की मांग उठी. हाल में हिंदूवादी नेता दिनेश फलाहारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने खून से पत्र लिखकर इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की अपील की. उन्होंने आरोप लगाया कि श्री कृष्ण जन्मस्थान परिसर में पिछले कई वर्षों से लगातार चांदी की चोरी की घटनाएं होती रही हैं, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए.
इस सब के बाद अब श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने फलाहारी महाराज के खिलाफ गोविंद नगर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए उन पर धोखाधड़ी, उगाही और संस्थान की छवि धूमिल करने की कोशिश करने के आरोप लगाए हैं.
'हमारे ट्रस्ट से मिलता ट्रस्ट बनाया'
श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के उप प्रबंधक अनुराग पाठक ने गोविंद नगर थाने में दी गई शिकायत में कहा है कि दिनेश शर्मा, जिन्हें दिनेश फलाहारी महाराज और फलाहारी बाबा के नाम से भी जाना जाता है, धोखाधड़ी से जुड़े कई मामलों में शामिल रहे हैं. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने “श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास” नाम से एक ट्रस्ट बनाया, जिसका नाम जन्मस्थान से जुड़े पंजीकृत ट्रस्टों से काफी मिलता-जुलता है. इससे श्रद्धालुओं और दानदाताओं के बीच भ्रम पैदा होने की आशंका रहती है.
शिकायत के अनुसार, इस ट्रस्ट के माध्यम से एकत्र की गई दान राशि का कथित तौर पर व्यक्तिगत उपयोग किया गया. संस्थान का यह भी आरोप है कि जब कुछ लोगों ने इन गतिविधियों का विरोध किया तो फलाहारी महाराज ने यह मान लिया कि इसके पीछे सेवा संस्थान का हाथ है. इसके बाद उनके सहयोगियों द्वारा संस्थान से जुड़े लोगों को कथित रूप से धमकियां दी गईं.
'फलाहारी बाबा ने संस्थान के खिलाफ झूठी शिकायतें की'
शिकायत में दावा किया गया है कि संस्थान के खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज कराने और सोशल मीडिया तथा मीडिया के माध्यम से बदनाम करने की धमकी देकर 20 लाख रुपये की उगाही करने का प्रयास किया गया. अनुराग पाठक का कहना है कि जब संस्थान ने इन मांगों को स्वीकार नहीं किया तो उनके खिलाफ सार्वजनिक रूप से आरोप लगाए जाने लगे.श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि पूरा मामला पुलिस के संज्ञान में है और जांच जारी है. वहीं, शिकायत में लगाए गए आरोपों पर फलाहारी महाराज की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है. जांच में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने पर निर्णय लिया जाएगा.