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सुबह पति की अर्थी उठी, शाम को पत्नी की... अयोध्या में एक ही दिन उजड़ गया जीवनसाथियों का साथ

अयोध्या के एक गांव में पति-पत्नी के अटूट रिश्ते की भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है. 80 वर्षीय भगवान तिवारी के निधन के कुछ घंटों बाद उनकी 75 वर्षीय पत्नी साची तिवारी ने भी दम तोड़ दिया. सुबह जिस घर से पति की अंतिम यात्रा निकली थी, उसी घर से शाम को पत्नी की भी अर्थी उठी, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई.

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पति-पत्नी के अटूट रिश्ते की कहानी.(Photo: AI-generated)
पति-पत्नी के अटूट रिश्ते की कहानी.(Photo: AI-generated)

उत्तर प्रदेश के अयोध्या से पति-पत्नी के अटूट प्रेम और साथ की एक भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है. यहां एक बुजुर्ग महिला ने अपने पति के अंतिम संस्कार के कुछ ही घंटों बाद दम तोड़ दिया. इस घटना ने पूरे गांव को भावुक कर दिया और हर किसी की आंखें नम हो गईं.

दरअसल, मामला अयोध्या जिले के खंडासा थाना क्षेत्र के रेवली गांव का है. गांव के रहने वाले 80 वर्षीय भगवान तिवारी का रविवार तड़के उम्र संबंधी बीमारियों के चलते निधन हो गया. परिवार और ग्रामीणों के मुताबिक वह लंबे समय से बढ़ती उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे.

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भगवान तिवारी के निधन की खबर मिलते ही परिवार और गांव में शोक का माहौल छा गया. सुबह से ही उनके घर पर रिश्तेदारों, ग्रामीणों और परिचितों का आना-जाना शुरू हो गया था.

सुबह हुई अंतिम विदाई

परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में भगवान तिवारी का अंतिम संस्कार रविवार सुबह करीब 11 बजे किया गया. बड़ी संख्या में लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए और उन्हें श्रद्धांजलि दी.

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गांव वालों के अनुसार, अंतिम संस्कार के दौरान उनकी पत्नी साची तिवारी बेहद गमगीन थीं. पति के निधन से वह गहरे सदमे में थीं और लगातार भावुक हो रही थीं.

किसी ने भी नहीं सोचा था कि कुछ ही घंटों के भीतर परिवार को एक और बड़ा दुख झेलना पड़ेगा. अंतिम संस्कार के बाद घर लौटे परिजन अभी पहले सदमे से उबर भी नहीं पाए थे कि दूसरी दुखद खबर सामने आ गई.

पति की मौत के कुछ घंटे बाद पत्नी ने भी तोड़ा दम

ग्रामीणों के अनुसार, पति के अंतिम संस्कार के बाद 75 वर्षीय साची तिवारी की तबीयत अचानक बिगड़ गई. परिवार के लोग उनकी देखभाल में जुटे, लेकिन उनकी हालत लगातार खराब होती चली गई.

कुछ ही समय बाद साची तिवारी ने भी दम तोड़ दिया. उनके निधन की खबर सुनते ही पूरे गांव में शोक की दूसरी लहर दौड़ गई. परिवार के सदस्य इस दोहरे दुख से पूरी तरह टूट गए.

ग्रामीणों का कहना है कि सुबह जिस घर से भगवान तिवारी की अंतिम यात्रा निकली थी, उसी घर से कुछ घंटों बाद उनकी पत्नी की भी अर्थी उठी. यह दृश्य देखकर गांव के लोग भावुक हो उठे.

दशकों तक निभाया जीवन का साथ

गांव के बुजुर्गों और पड़ोसियों ने बताया कि भगवान तिवारी और साची तिवारी ने दशकों तक साथ जीवन बिताया था. दोनों ने सुख-दुख, संघर्ष और खुशियों के हर पड़ाव को एक-दूसरे के साथ साझा किया था.

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ग्रामीणों के मुताबिक बढ़ती उम्र के बावजूद दोनों एक-दूसरे का सहारा बने हुए थे. गांव में लोग अक्सर उनके आपसी प्रेम और लगाव की मिसाल दिया करते थे.

लोगों का कहना है कि दोनों इतने गहरे भावनात्मक रूप से जुड़े हुए थे कि पति के जाने का सदमा साची तिवारी बर्दाश्त नहीं कर सकीं. यही वजह रही कि उन्होंने भी कुछ घंटों बाद दुनिया को अलविदा कह दिया.

गांव में पसरा मातम

एक ही दिन में पति-पत्नी के निधन से पूरे रेवली गांव में मातम का माहौल है. परिवार के लोग गहरे सदमे में हैं और गांव के लोग उन्हें ढांढस बंधाने में जुटे हुए हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाएं बहुत कम देखने को मिलती हैं. यह घटना पति-पत्नी के बीच गहरे प्रेम, समर्पण और जीवनभर के साथ की अनूठी मिसाल बन गई है.

फिलहाल पूरे गांव में इस बुजुर्ग दंपति की चर्चा हो रही है और लोग उनकी यादों को भावुक होकर साझा कर रहे हैं.

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