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जबरन किराये के मकान में रखा, नहीं दी दवाएं...', मां की हत्या की आरोपी आयुषी पर पिता की मौत की साजिश का आरोप!

जयपुर में मां की हत्या की साजिश के आरोप में गिरफ्तार आयुषी शर्मा पर अब उसके पिता विजय कुमार शर्मा की संदिग्ध मौत को लेकर भी सवाल उठे हैं. आयुषी के मामा ने पुलिस से दोनों मामलों की गहन जांच की मांग की है. उनका आरोप है कि 14-15 करोड़ रुपये की संपत्ति और सरकारी नौकरी के लालच में पूरी साजिश रची गई. पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी बलराम शर्मा अभी फरार है. मामले की जांच जारी है.

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आयुषी शर्मा (बाईं ओर) को अपनी मां की हत्या की साज़िश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
आयुषी शर्मा (बाईं ओर) को अपनी मां की हत्या की साज़िश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.

राजस्थान के जयपुर में मां की हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार 23 वर्षीय आयुषी शर्मा की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. अब उसके मामा ने पुलिस से आयुषी के पिता विजय कुमार शर्मा की मौत की भी जांच कराने की मांग की है. उनका आरोप है कि पिता की मौत भी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी और इसमें आयुषी तथा उसके चचेरे भाई बलराम शर्मा की भूमिका हो सकती है.

पुलिस ने इस मामले में आयुषी शर्मा, उसके चाचा मोहन स्वरूप समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी बलराम शर्मा अभी फरार है. आयुषी की मां नीरज शर्मा की 3 जुलाई को तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की टक्कर से मौत हो गई थी. पुलिस का आरोप है कि यह एक सुनियोजित हत्या थी.

आयुषी के मामा राकेश शर्मा ने पुलिस को शिकायत देकर कहा है कि करीब 14 से 15 करोड़ रुपये की संपत्ति और अनुकंपा के आधार पर मिलने वाली सरकारी नौकरी के लालच में पूरी साजिश रची गई. उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या के लिए दी गई सुपारी की रकम अभी तक बरामद नहीं हुई है और कई अन्य आरोपी भी गिरफ्तारी से बाहर हैं.

राकेश शर्मा का दावा है कि आयुषी के पिता विजय कुमार शर्मा को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद करीब तीन महीने तक एक अज्ञात स्थान पर रखा गया. बाद में जब उन्हें दोबारा अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उनकी हालत बेहद गंभीर बताई और दो दिन बाद उनकी मौत हो गई. उनका आरोप है कि उन्हें समय पर इलाज और जरूरी दवाएं नहीं दी गईं.

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मामले से जुड़े अधिवक्ता चंद्र प्रकाश शर्मा ने भी आरोप लगाया कि आयुषी अपनी मां की नौकरी और पूरी संपत्ति पर कब्जा करना चाहती थी. उनका कहना है कि विजय कुमार शर्मा ब्रेन ट्यूमर के इलाज के बाद काफी हद तक स्वस्थ हो चुके थे, लेकिन उन्हें जबरन अस्पताल से ले जाकर एक किराये के मकान में रखा गया, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई.

डीसीपी रंजीता शर्मा ने कहा कि परिवार की ओर से दी गई शिकायत प्राप्त हो गई है. शिकायत में उठाए गए सभी बिंदुओं की विस्तार से जांच की जाएगी. उन्होंने बताया कि फरार आरोपी बलराम शर्मा की तलाश जारी है और उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. पिता की मौत की जांच की मांग पर भी सक्षम अधिकारी द्वारा निर्णय लिया जाएगा.

पुलिस के अनुसार, विजय कुमार शर्मा की मौत के बाद उनकी पत्नी नीरज शर्मा को अनुकंपा के आधार पर अदालत में लिपिक की नौकरी मिली थी. जांच में सामने आया है कि आयुषी खुद यह नौकरी हासिल करना चाहती थी. फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है.

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