उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में सवायजपुर मार्ग पर समुदा के पास कार और बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई. इस भीषण हादसे में अस्पताल जा रहे सुहेल, उनकी मां विद्यावती और बहनोई रमेश की मौत हो गई. प्रसव पीड़ा से पीड़ित सुहेल की बहन कामिनी को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए तीनों बाइक से जा रहे थे. रविवार को अंतिम संस्कार के दौरान लगातार हो रही बारिश के कारण दाह संस्कार स्थल पर जलभराव हो गया और सूखी लकड़ी नहीं मिल सकी. इस मजबूरी के चलते परिजनों ने विद्यावती और उनके बेटे सुहेल का शव सड़क किनारे दफन किया.
अस्पताल जाते समय हुआ दर्दनाक हादसा
आपको बता दें कि लोनार क्षेत्र के भुवनपुरवा निवासी सुहेल अपनी बहन कामिनी को प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल पहुंचाने के लिए मां विद्यावती और बहनोई रमेश के साथ बाइक से जा रहे थे. रास्ते में शहर कोतवाली क्षेत्र के समुदा के पास कार से टकरा जाने के कारण तीनों की जान चली गई.
बारिश के कारण दफनाने पड़े मां-बेटे के शव
पोस्टमार्टम के बाद रविवार को जब शव घर पहुंचे, तो लगातार बारिश से अंतिम संस्कार स्थल जलमग्न था. सूखी लकड़ियां न मिलने और सुहेल के अविवाहित होने के चलते परिजनों ने मां-बेटे दोनों को सड़क किनारे दफना दिया. वहीं, दामाद रमेश का अंतिम संस्कार उनके गांव रामपुर चैया में हुआ.
एक तरफ नवजात की किलकारी, दूसरी तरफ पसरा मातम
रविवार सुबह कामिनी ने ऑपरेशन के माध्यम से बेटे को जन्म दिया. एक तरफ घर में बच्चे के आने की खुशी थी, तो दूसरी तरफ पति, मां और भाई की मौत से पूरा परिवार सदमे में डूब गया. कामिनी अपने नवजात को देखकर बिलख पड़ी, जिसे परिजनों ने संभाला.