scorecardresearch
 

UP: घर के बाहर खड़े होकर बात कर रहे वकील पर टूटकर गिरा बिजली का तार, हुई मौत

उत्तर प्रदेश के गोंडा में घर के बाहर खड़े एक वकील पर हाई-टेंशन बिजली का तार टूटकर गिर गया. जिससे उनकी मौत हो गई. इस घटना के बाद स्थानीय लोग भी आक्रोशित हो गई. इस मामले में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है.

Advertisement
X
बिजली का तार ऊपर गिरने से अधिवक्ता की मौत. (Photo: Representational )
बिजली का तार ऊपर गिरने से अधिवक्ता की मौत. (Photo: Representational )

गोंडा जिले में शुक्रवार को एक 37 वर्षीय वकील की मौत हो गई. बताया जाता है कि वकील पर एक हाई-टेंशन बिजली का तार टूटकर गिर गया था. इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी. इस घटना के संबंध में बिजली विभाग के पांच इंजीनियरों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जबकि जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं.

पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि यह घटना कोतवाली नगर पुलिस थाना क्षेत्र के पथवलिया इलाके में हुई. पीड़ित रंजीत तिवारी अपने घर के बाहर खड़े होकर बच्चों से बात कर रहे थे, तभी उनके घर की छत के ऊपर से गुजर रही हाई-टेंशन लाइन अचानक टूटकर उन पर गिर गई. जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

यह भी पढ़ें: चाची के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया भतीजा, चाचाओं ने बांधकर पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट

कार्रवाई की बात पर माना अंतिम संस्कार के लिए माना परिवार

मृतक के भाई अमरजीत तिवारी की शिकायत के आधार पर विभाग के एक जूनियर इंजीनियर, उप-विभागीय अधिकारी (SDO), अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. घटना के तुरंत बाद जिला न्यायाधीश दुर्गा नारायण सिंह, जिला मजिस्ट्रेट प्रियंका निरंजन और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे.

Advertisement

अधिकारियों ने मुआवजे और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया. जिसके बाद परिवार ने पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार के लिए सहमति दे दी. जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि मामले की जांच के लिए शहर मजिस्ट्रेट, SDM सदर, CO सिटी और मुख्य अभियंता (जलविद्युत) की चार सदस्यीय समिति गठित की गई है. उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य अभियंता को इस समिति से हटाया जा सकता है, क्योंकि उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है.

कई बार की शिकायत के बावजूद भी बिजली ने नहीं हटाया गया था तार

परिवार के सदस्यों ने बताया कि तिवारी वकील थे और एक प्रतिष्ठित अखबार के संवाददाता के रूप में भी काम करते थे. पिछले कई सालों से बिजली विभाग से बार-बार अनुरोध कर रहे थे कि उनके घर और पास के एक प्राथमिक विद्यालय के ऊपर से गुजर रही हाई-टेंशन लाइन को हटा दिया जाए. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई.

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूलों के ऊपर से ऐसी लाइनों को हटाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा धनराशि जमा किए जाने के बावजूद अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की. जिसके परिणामस्वरूप यह जानलेवा दुर्घटना हुई. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement