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मेरठ के सोतीगंज में छिपे थे जम्मू-कश्मीर के गैंगस्टर, यूपी STF और पुलिस ने 4 को दबोचा

यूपी STF और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मेरठ के सोतीगंज से गटारू गैंग के तीन सदस्यों समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों पर रंगदारी, हत्या और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े मामले दर्ज हैं.

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सुमित जंदियाल 'गटारू' की हत्या का बदला लेने की फिराक में थे आरोपी.(Photo:ITG)
सुमित जंदियाल 'गटारू' की हत्या का बदला लेने की फिराक में थे आरोपी.(Photo:ITG)

जम्मू-कश्मीर में रंगदारी, डकैती, जमीन कब्जाने और हत्या जैसे गंभीर अपराधों के आरोपों से जुड़े गटारू गैंग के तीन सदस्यों को यूपी एसटीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मेरठ से गिरफ्तार किया है. तीनों सोतीगंज इलाके में छिपे हुए थे. संयुक्त कार्रवाई में उन्हें पनाह देने के आरोप में एक स्थानीय युवक को भी पकड़ा गया है. पुलिस ने चार मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया है.

यूपी एसटीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 2 नवंबर 2026 की रात करीब 11:05 बजे मेरठ के सोतीगंज से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सौरभ गुप्ता, गौरव गुप्ता और रोहित बलोना के रूप में हुई है. तीनों जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के विजयपुर के रहने वाले हैं. चौथा आरोपी माज कुरैशी मेरठ के सोतीगंज का निवासी है.

एसटीएफ के मुताबिक, माज कुरैशी पर तीनों आरोपियों को अपने मकान में पनाह देने का आरोप है. कार्रवाई के दौरान चार मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया गया.

जम्मू-कश्मीर पुलिस की सूचना पर एक्शन

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 22 अक्टूबर को यूपी एसटीएफ को सूचना दी थी कि गटारू गैंग के कुछ सदस्य मेरठ में छिपे हुए हैं. यह गैंग जम्मू और सांबा जिलों में सक्रिय रहा है. इसके सदस्यों पर रंगदारी, सुपारी लेकर हत्या, डकैती, जमीन कब्जाने और जानलेवा हमले जैसे अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं.

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सूचना मिलने के बाद एसटीएफ मेरठ की टीम ने जानकारी जुटाई और उसे सांबा पुलिस के साथ साझा किया. इसके बाद डीएसपी अतहर बख्शी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम मेरठ पहुंची. दोनों एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

सुमित जंदियाल उर्फ गटारू चलाता था गैंग

एसटीएफ के अनुसार, गैंग का संचालन सांबा जिले के विजयपुर निवासी सुमित जंदियाल उर्फ गटारू करता था. वह अपने भाई सौरभ गुप्ता और अन्य साथियों के साथ मिलकर गैंग चलाता था. सुमित जंदियाल और उसके भाई के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में पहले पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत भी कार्रवाई हो चुकी थी.

गटारू गैंग की विक्की खौफ गैंग और विकास सलाथिया के ग्रुप से पुरानी दुश्मनी बताई जाती है. दोनों गुटों के बीच वर्चस्व को लेकर लंबे समय से टकराव चल रहा था.

स्कूल की दोस्ती से शुरू हुई थी गैंगवार की दुश्मनी

एसटीएफ के मुताबिक, सौरभ गुप्ता और विक्की खौफ विजयपुर के नेताजी एकेडमी में कक्षा 7 से 11 तक साथ पढ़े थे. एक दोस्त को लेकर हुए विवाद के बाद दोनों के बीच दुश्मनी शुरू हुई.

वर्ष 2018 में सौरभ के दोस्त रोहित बलोना और अक्षय शर्मा ने विक्की खौफ गैंग के सदस्य साहिल शर्मा पर चाकू से हमला किया था. इसके बाद दोनों गुटों के बीच दुश्मनी और बढ़ गई.

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वर्ष 2022 में विक्की खौफ गैंग ने सौरभ के दोस्त बरिंदर पर चाकू से हमला कर उसकी बाजू काट दी थी. इसके बाद दोनों गुटों के बीच तनाव बना रहा.

पार्टी में गोली मारकर हुई थी गटारू की हत्या

21 जनवरी 2025 को जम्मू के व्यस्त ज्वेल चौक इलाके में एक पार्टी के दौरान गैंग के सरगना सुमित जंदियाल उर्फ गटारू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

एसटीएफ के अनुसार, वर्ष 2025 में गैंग के सदस्य गौरव जंदियाल ने अपने साथियों के जरिए कुरुक्षेत्र के शाहाबाद निवासी शराब कारोबारी शांतनु की हत्या कराई थी. जून 2025 में हुई इस वारदात में शांतनु की गोली मारकर हत्या की गई थी. मामले में हरियाणा एसटीएफ ने रोमिल बोहरा को मुठभेड़ में मार गिराया था, जबकि गौरव जंदियाल और उसके अन्य साथियों को गिरफ्तार किया गया था.

मेरठ में अलग-अलग ठिकानों पर रहे गैंग के सदस्य

एसटीएफ की पूछताछ के मुताबिक, सुमित जंदियाल की हत्या के बाद सौरभ गुप्ता की मुलाकात विजयपुर में एक पार्टी के दौरान बागपत निवासी आशू पंडित से हुई थी. दोनों के बीच दोस्ती हुई और फोन पर बातचीत होने लगी.

आरोप है कि आशू पंडित ने सौरभ को मेरठ के सुभाष नगर स्थित अपने किराये के मकान में करीब एक महीने तक ठहराया. इसके बाद सुभारती यूनिवर्सिटी के पास एक फ्लैट में करीब तीन महीने तक रहने की व्यवस्था की गई. एसटीएफ के मुताबिक, आशू पंडित ने सुमित जंदियाल को तीन अवैध पिस्टल भी उपलब्ध कराई थीं.

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वहीं, कुरुक्षेत्र जेल में गौरव जंदियाल की मुलाकात मेरठ निवासी मोहसिन से हुई थी. जेल से बाहर आने के बाद गौरव ने मेरठ में सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने के लिए उससे संपर्क किया. इसके बाद मोहसिन ने अपने दोस्त सोहेल से बात की. सोहेल के जरिए उसकी खाला के बेटे माज कुरैशी के मकान में रहने की व्यवस्था कराई गई.

एसटीएफ का आरोप है कि माज कुरैशी ने बिना पुलिस वेरिफिकेशन कराए अपने मकान में सौरभ गुप्ता, गौरव गुप्ता और रोहित बलोना को ठहराया था.

NDPS और आर्म्स एक्ट के मामलों में थे वांटेड

STF के मुताबिक, सौरभ गुप्ता, गौरव गुप्ता और रोहित बलोना जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के विजयपुर थाने में दर्ज एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के मुकदमे में वांछित थे.

तीनों के खिलाफ मुकदमा संख्या 146/2026 दर्ज है. इसमें एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21/22/25 और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

STF का कहना है कि तीनों आरोपियों का जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में पहले से आपराधिक इतिहास रहा है. सौरभ और गौरव के खिलाफ मारपीट, दंगा, आपराधिक धमकी, हथियार और एनडीपीएस से जुड़े मामले दर्ज हैं. वहीं, रोहित बलोना पर हत्या के प्रयास, लूट और आर्म्स एक्ट से जुड़े मुकदमे दर्ज हैं.

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चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस करेगी.

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