भगवान श्रीकृष्ण को 'पांच वक्त का नमाजी' बताने वाले मौलाना जरजिश अंसारी के खिलाफ लखनऊ में एफआईआर दर्ज की गई. मौलाना जरजिश अंसारी का बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया. वायरल वीडियो को लेकर विभिन्न हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है. मामले की जांच जारी है और पुलिस वायरल वीडियो सहित अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है.
मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि का मामला गरमाया हुआ है. इसी बीच मौलाना जरजिश ने भगवान श्री कृष्ण के बारे में बयान देकर बड़ा विवाद छेड़ दिया है. इसको लेकर बृज के साधु संतों में भारी उबाल है.
यूपी के इटावा के रहने वाले मौलाना जरजिश के बयान को लेकर श्री कृष्ण जन्मभूमि केस के पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि मौलाना का बयान हिंदू धर्म की आस्था के साथ खिलवाड़ है. यह बयान बहुत ही गलत है. इस्लाम 1400 साल पहले आया, जबकि भगवान श्री कृष्ण 5000 वर्ष पहले आए थे. मौलाना को हिंदू समाज से माफी मांगनी चाहिए. उन्हें भगवत गीता और उसके श्लोक के बारे में कोई जानकारी नहीं है.
इसी बारे में श्री कृष्ण जन्म संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी का कहना है, ''मौलाना के पहले जितने भी पूर्वज थे, सभी सनातनी थे. तब भी भगवान श्री कृष्ण के बारे में गलत बयान दे रहा है. उसे पाकिस्तान भेज दिया जाना चाहिए.
इसी प्रकार साध्वी इंदुलेखा ने भी मौलाना जरजिश के बयान की कड़ी निंदा की. कहा कि यह हिंदू धर्म की आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं.
वहीं, अनमोल दास जी महाराज ने भी मौलाना के बयान की निंदा करते हुए उसके खिलाफ एक्शन लेने की मांग की है.
विवादित बयान के पीछे क्या है मंशा?
बीजेपी के नेता मनीष शुक्ला ने मौलाना जरजिश अंसारी के भगवान श्रीकृष्ण पर दिए गए बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे सनातन धर्म और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर आघात बताया.
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सनातन धर्म को मानने वालों की श्रद्धा के केंद्र हैं. आरोप लगाया कि इस तरह के बयान किसी गहरी साजिश का हिस्सा हो सकते हैं और इसकी जांच होनी चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक दलों के नेताओं के रवैये से ऐसे लोगों का मनोबल बढ़ता है, जो समय-समय पर सनातन धर्म और देवी-देवताओं पर विवादित टिप्पणियां करते हैं. देखें VIDEO:-
गीता के श्लोक का गलत अर्थ बताकर किया 'नमाजी' होने का दावा
वायरल वीडियो के अनुसार, यह विवादित टिप्पणी 23 जून को झारखंड में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम (तकरीर) के दौरान की गई थी. मंच से बोलते हुए उत्तर प्रदेश के इटावा के रहने वाले मौलाना जरजिश अंसारी ने सनातन धर्म के सबसे पवित्र ग्रंथ 'श्रीमद्भगवद गीता' के एक श्लोक का उल्लेख किया.आरोप है कि मौलाना ने जानबूझकर इस श्लोक का बेहद गलत, मनगढ़ंत और भ्रामक अर्थ जनता के सामने पेश किया.
मौलाना ने तकरीर के दौरान दावा किया कि "भगवान श्रीकृष्ण असल में मुस्लिम थे और वे पृथ्वी पर दीन (इस्लाम) और मुस्लिम धर्म का प्रचार-प्रसार करते थे. वे सामान्य रूप से पांचों वक्त की नमाज अदा किया करते थे."